
Child Drowning: बिहार के मधुबनी जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बिस्फी थाना क्षेत्र में तालाब में डूबने से एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में मातम पसरा दिया है।
मधुबनी के बिस्फी थाना क्षेत्र के सिमरी पंचायत स्थित परसा गांव में धनिक लाल रावत की पुत्री आरुषि कुमारी की तालाब में डूबने से जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, आरुषि अपने भाई और अन्य बच्चों के साथ खेत में खेलने गई थी। खेलते-खेलते वह पास के तालाब के किनारे पहुंच गई, जहां अचानक पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चली गई। अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत बच्चों को तालाब से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक आरुषि की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बढ़ते Child Drowning के मामले: परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आरुषि अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस दुखद हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर है।
पुलिस जांच और बारिश में सतर्कता की जरूरत
घटना की सूचना मिलते ही बिस्फी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, मधुबनी भेज दिया। अन्य बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है। बारिश के मौसम में जिले में डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में भी दो बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के कारण तालाबों और गड्ढों में पानी भर जाने से ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है और बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखना बेहद जरूरी है।
यह Child Drowning की घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। अक्सर तालाबों और गड्ढों के चारों ओर कोई सुरक्षा घेरा नहीं होता, जिससे ऐसे हादसे होते रहते हैं। Madhubani जैसे जिलों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।






