
Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु से टूटे उत्तर और दक्षिण के संपर्क रिश्ते अब जुड़ेंगी नई बस सेवा से, जानिए रूट और किराया
Vikramshila Bridge: बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला पुल के ढह जाने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक नई वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है, जिससे लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
Vikramshila Setu: यात्रियों की मजबूरी और संचालकों की मनमानी
पुल के बंद होने के बाद से यात्रियों के पास गंगा पार करने के लिए नाव ही एकमात्र साधन बचा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। कई बार तो बीच गंगा में नाव खराब होने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे यात्री घंटों फंसे रहे। मगर अब मंगलवार से भागलपुर डिपो की बसें भी सड़कों पर दौड़ना शुरू करेंगी। भागलपुर बस डिपो भी मंगलवार से अपनी तीन बसों के परिचालन की तैयारी कर रहा है।
शुरुआती चरण में, पूर्णिया डिपो से तीन बसें खगड़िया-मुंगेर होते हुए भागलपुर के लिए रवाना की गईं। इन बसों का संचालन महेशखूंट और खगड़िया के रास्ते हो रहा है, जिसके कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए एक लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। Vikramshila Bridge के ध्वस्त होने के बाद यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
रविवार देर रात भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु पर बड़ा हादसा हो गया। पुल का एक महत्वपूर्ण पिलर अचानक ध्वस्त होकर नदी में समा गया, जिससे पूर्वी बिहार की एक बड़ी आबादी के लिए आवागमन पर संकट गहरा गया है। अब प्रशासन के सामने इस चुनौती से निपटने का बड़ा टास्क है।
घटना का विस्तृत विवरण
यह घटना रविवार रात करीब 11:55 बजे शुरू हुई, जब पुल का पिलर नंबर 133 धीरे-धीरे धंसना शुरू हुआ। करीब एक घंटे बाद, रात 1:07 बजे तक यह पिलर पूरी तरह से गंगा नदी की तेज लहरों में समा गया, और इसके साथ जुड़ा एक बड़ा स्लैब भी टूटकर गिर गया। गनीमत रही कि पुलिस और प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए समय रहते पुल पर आवाजाही रोक दी थी, जिससे किसी बड़े मानवीय हादसे को टाला जा सका। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी।
विक्रमशिला सेतु: पूर्वी बिहार की जीवनरेखा और चुनौतियां
विक्रमशिला सेतु भागलपुर को नवगछिया, पूर्णिया और कोसी-सीमांचल के अन्य महत्वपूर्ण इलाकों से जोड़ने वाली एक अति महत्वपूर्ण कड़ी है। वर्ष 2001 में उद्घाटन हुआ यह पुल न केवल इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का आधार है, बल्कि लाखों लोगों के लिए दैनिक आवागमन का मुख्य साधन भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पिलर गिरने के बाद से पुल पर यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी चिंता व्याप्त है।
व्यापार और जनजीवन पर गहरा असर
विक्रमशिला सेतु के बंद होने से सिर्फ यात्रियों की यात्रा ही नहीं, बल्कि नवगछिया और भागलपुर के बीच के व्यापार पर भी बुरा असर पड़ा है। दूध, सब्जियां और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं और आम लोगों को परेशानी हो रही है। प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देते हुए नाव संचालन शुरू किया ताकि यात्रियों की परेशानी कम हो। वहीं अब बस सेवा शुरू हो रही है । उम्मीद है कि रेलवे भी अतिरिक्त ट्रेन की सुविधा देगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पूर्णिया पथ परिवहन निगम का कहना कि फिलहाल बसें नवगछिया जीरोमाइल तक भी चल रही हैं। इस रूट पर लगभग 300 रुपये का किराया निर्धारित किया गया है, जबकि अन्य स्टेज के लिए अलग-अलग किराया लिया जा रहा है। पहले दिन परिचालन पर असर पड़ा और डिपो को करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ।
Vikramshila Bridge ढहने के बाद वैकल्पिक मार्गों का विवरण
ये विशेष बस सेवा महेशखूंट, खगड़िया और मुंगेर जैसे महत्वपूर्ण मार्गों से होकर गुजर रही है। यात्रियों को अब पहले से अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है, लेकिन यह एकमात्र विकल्प है। 300 रुपये का किराया एक अनुमानित आंकड़ा है, जिसे पूरे रूट के लिए निर्धारित किया गया है। छोटे पड़ावों के लिए किराया दूरी के हिसाब से तय किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह नई व्यवस्था हजारों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है, जो पुल ध्वस्त होने के कारण फंसे हुए थे।
भागलपुर डिपो की भी तैयारी
मंगलवार से भागलपुर डिपो की बसें भी सड़कों पर दौड़ना शुरू करेंगी। भागलपुर बस डिपो भी मंगलवार से अपनी तीन बसों के परिचालन की तैयारी कर रहा है। यात्री प्रबंधक पवन शांडिल्य ने जानकारी दी कि शुरुआत में तीन बसें चलाई जाएंगी, जो भागलपुर से सुल्तानगंज, बरियारपुर, मुंगेर, खगड़िया होते हुए महेशखूंट के रास्ते पूर्णिया पहुँचेंगी। इन बसों का संचालन सुबह 6:00 बजे से 10:00 बजे के बीच किया जाएगा। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मंगलवार को सभी बसों का विस्तृत टाइम टेबल जारी किया जाएगा। भागलपुर डिपो को भी पहले दिन करीब 1.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, क्योंकि अधिकांश बसें खड़ी रहीं।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की यह पहल बस सेवा के माध्यम से लोगों को हो रही परेशानी को कम करने में सहायक सिद्ध होगी। हालांकि, यह स्पष्ट है कि यह वैकल्पिक व्यवस्था मुख्य पुल के मुकाबले अधिक समय लेने वाली और थोड़ी महंगी साबित होगी। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में, यह यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सहारा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस तरह की आपातकालीन सेवाओं से संकट के समय में आम जनता को बड़ी मदद मिलती है।






