
Vikramshila Setu: भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर देर रात अचानक आई आफत ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। सेतु का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी में समा गया, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पुल पर आवागमन रोक दिया है। अब लोगों की सुविधा के लिए मुफ्त नाव सेवा शुरू की जा रही है।
विक्रमशिला सेतु हादसा: भागलपुर में गंगा में समाया स्लैब, DM-SSP ने लिया एक्शन, नाव सेवा शुरू
भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या- 133 के पास सड़क का स्लैब देर रात अचानक टूटकर गंगा नदी में समा गया। घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस ने वरीय अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव और उप विकास आयुक्त सहित कई अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर पुल पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
विक्रमशिला सेतु हादसा: भागलपुर की लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु पर देर रात अचानक एक बड़ा संकट आ गया। पुल का एक स्लैब धड़ाम से गंगा नदी में समा गया, जिससे हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया। अब प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए नाव सेवा की वैकल्पिक व्यवस्था की है।
भागलपुर जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के पास देर रात सड़क का एक स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी में जा गिरा। इस घटना से पुल पर तैनात ट्रैफिक पुलिस तुरंत हरकत में आई और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव और उप विकास आयुक्त सहित कई आला अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। एहतियात के तौर पर पुल पर सभी तरह के वाहनों और पैदल यात्रियों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस विक्रमशिला सेतु हादसा के बाद, प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए हैं।
विक्रमशिला सेतु हादसा: कैसे हुआ और प्रशासन ने क्या किया?
बाद में समीक्षा भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि आम लोगों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नाव सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकारी नावों की व्यवस्था की जा रही है, जिन पर यात्री बिल्कुल निःशुल्क यात्रा कर सकेंगे। सुरक्षा कारणों से इन नावों का संचालन सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे नाव पर निर्धारित क्षमता का पालन करें और 50 से अधिक लोग सवार न हों, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव ने जानकारी दी कि गंगा घाटों पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल के साथ-साथ मजिस्ट्रेट की भी तैनाती कर दी गई है। उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर लगातार पैनी नज़र बनाए हुए है और लोगों की सुविधा व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
क्या हुआ Vikramshila Setu पर?
इस गंभीर घटना से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है, क्योंकि यह सेतु जिले को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली मुख्य कड़ी है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे दैनिक यात्रियों और व्यवसायियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की तत्काल कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्था
समीक्षा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि आम लोगों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नाव सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नावों की व्यवस्था की जा रही है, जिन पर यात्री निशुल्क यात्रा कर सकेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। नाव का संचालन सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि नाव पर निर्धारित क्षमता का पालन करें और 50 से अधिक लोग सवार न हों ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव ने बताया कि गंगा घाटों पर पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की भी तैनाती कर दी गई है, ताकि नाव सेवा सुचारू रूप से चल सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों की सुविधा व सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
यह भी बता दें कि विक्रमशिला सेतु की मरम्मती का काम अगले 3 महीनों में पूरा होने की संभावना है, जिसकी रिपोर्ट राजीव रंजन ने दी है।






