
Bhagalpur Bridge Collapse: देर रात बिहार को जोड़ने वाले इस अहम पुल का एक हिस्सा टूट गया, जिसके बाद हड़कंप मच गया। प्रशासन ने फौरन आवागमन रोक दिया है और अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच चुकी है।
पुल टूटने के बाद क्या हुआ?
रविवार देर रात करीब 12.30 बजे भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु का कुछ हिस्सा टूट गया। पुल पर पोल संख्या 133 के पास पहले कुछ हिस्सा धंसा। इसकी सूचना मिलते ही तत्काल आवागमन रोक दिया गया। हालांकि, कुछ ही देर बाद वह धंसा हुआ हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने रात 1.15 बजे इसकी जानकारी देते हुए लोगों से विक्रमशिला सेतु की ओर न जाने की अपील की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि पाया संख्या 4-5 के बीच पुल धंसा था। पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव रात करीब 1.45 बजे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। गनीमत रही कि हादसे से पहले ही आवागमन रोक दिया गया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रशासनिक तैयारियां और वैकल्पिक मार्ग
विक्रमशिला सेतु का हिस्सा टूट जाने के कारण भागलपुर का उत्तर बिहार से सड़क संपर्क टूट गया है। वहीं, जिले के सात प्रखंडों का मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया है। पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से तमाम उपाय किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह, एसडीओ विकास कुमार और डीएसपी अजय चौधरी को निर्देश दिया है कि पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग रात में ही करा दी जाए। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि नवगछिया की ओर जाने के लिए फिलहाल मुंगेर के रास्ते का उपयोग करें। यह वर्तमान में उपलब्ध एकमात्र वैकल्पिक मार्ग है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
विक्रमशिला सेतु की बदहाली पर सवाल
यह घटना विक्रमशिला सेतु की रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जानकारी के अनुसार, विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट पिछले छह महीने से फाइलों में दौड़ रही थी। इसके मेंटेनेंस की बात भी हुई थी, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। इस बीच चीफ इंजीनियर सहित अन्य अभियंताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुल का जायजा भी लिया था, फिर भी समय रहते इसे ठीक नहीं किया जा सका। एनएच डिवीजन के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रौशन ने बताया कि ज्वाइंट का गैप बढ़ गया है और अभी विस्तृत जानकारी मौके पर जाने के बाद ही दी जा सकती है।







