
भागलपुर स्थापना दिवस: भागलपुर, जिसे अंग संस्कृति का केंद्र कहा जाता है, अब 253 साल का हो चुका है! इस ऐतिहासिक मौके पर जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग ने मिलकर तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसका शुभारंभ जिला अधिकारी और एसएसपी ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह उत्सव जिले की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का जश्न मनाएगा।
भागलपुर स्थापना दिवस: भव्य आयोजन और प्रभात फेरी
भागलपुर जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 4 मई 2026 को अंग संस्कृति भवन, भागलपुर संग्रहालय में तीन दिवसीय भागलपुर स्थापना दिवस समारोह का भव्य आगाज हुआ। इस बार भागलपुर जिला अपना 253वां स्थापना दिवस मना रहा है, क्योंकि 4 मई 1773 को ही यह एक जिले के रूप में अस्तित्व में आया था।
कार्यक्रम के पहले दिन, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, स्काउट गाइड और कलाकारों ने बढ़-चढ़कर प्रभात फेरी में हिस्सा लिया, जिसे जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रभात फेरी का समापन भागलपुर संग्रहालय में हुआ, जहां बच्चों के साथ कला-संस्कृति और इतिहास पर विस्तृत चर्चा की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
DM और SSP ने किया दीप प्रज्वलन
जिला स्थापना दिवस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन भागलपुर संग्रहालय में जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव के कर कमलों से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, निदेशक एनईपी, जिला खेल पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भागलपुर जिला अंग संस्कृति का केंद्र है, यहाँ की हवा और पानी सदा स्वच्छ होती है, और जिले में कई प्रकार की संस्कृतियाँ एक साथ पलती और बढ़ती हैं। उन्होंने सभी से इस उत्सव को मिलकर मनाने का आह्वान किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या-क्या है खास इन तीन दिनों में?
वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव ने इस अवसर पर भागलपुर के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विक्रमशिला, जर्दालू आम, यहाँ की कला और रेशम जैसे कई तत्व भागलपुर को आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। यह कला और संस्कृति की धरती रही है, और स्वास्थ्य तथा शिक्षा के लिए आज भी लोग दूर-दूर से भागलपुर आते हैं। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने तीन दिवसीय भागलपुर स्थापना दिवस पर आयोजित विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया:
- प्रभात फेरी, फोटोग्राफी प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी
- मंजूषा प्रदर्शनी और महात्मा गांधी पर आधारित आर्टिस्ट कैंप
- स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अंग वंदन
- दृश्य एवं प्रदर्श कला प्रतियोगिताएं (लोक नृत्य, लोक गायन)
प्रदर्श कला प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रतिभागियों ने पहले ऑडिशन दिया, जिसके बाद चयनित कलाकारों ने मुख्य कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दी। 5 मई को अंग संस्कृति भवन में पूर्वाह्न 11 बजे से समूह लोक गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। कलाकार कैंप और कला प्रदर्शनी दूसरे और तीसरे दिन भी दर्शकों के अवलोकन के लिए खुली रहेंगी। सभी प्रतियोगिताओं के चयनित प्रतिभागियों को आयोजन के तीसरे दिन भागलपुर के ऐतिहासिक स्थलों जैसे बटेश्वर स्थान और विक्रमशीला महाविहार के भ्रमण के लिए ले जाया जाएगा।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






