
कुशेश्वरनाथ मंदिर के नए नियम: अगर आप बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर में दर्शन करने जा रहे हैं, तो जरा ठहरिए! अब यहां मंदिर परिसर में वीडियो रील बनाना महंगा पड़ सकता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए कुछ कड़े फैसले लिए हैं, जिनका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य होगा।
बिरौल एसडीओ शशांक राज ने कुशेश्वरस्थान पूर्वी स्थित बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर की व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि मंदिर में धार्मिक मर्यादा के विपरीत गतिविधियों और सोशल मीडिया पर रील बनाने की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मंदिर परिसर में रील और वीडियो शूटिंग पर प्रतिबंध
जारी आदेश के अनुसार, अब मंदिर परिसर में किसी भी तरह की रील या वीडियो शूटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। “रील बनाने पर रोक” लगाने का यह निर्णय मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके साथ ही, बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के विवाह, मुंडन या अन्य आयोजनों में डीजे, बैंड-बाजा और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है। ध्वनि यंत्रों का उपयोग केवल मंदिर प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जा सकेगा।
डीजे और वाहन पूजन के लिए भी नए नियम
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मुख्य प्रवेश द्वार के पास वाहनों द्वारा पूजा-पाठ कराने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब वाहन पूजन के लिए मंदिर से सटे गजेंद्र नारायण सिंह धर्मशाला के खाली मैदान का उपयोग किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कुशेश्वरनाथ मंदिर के नए नियम लागू करने का कारण
प्रशासन ने संबंधित सभी अधिकारियों, न्यास समिति और पुलिस को इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। ये कुशेश्वरनाथ मंदिर के नए नियम, श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में हो रही असुविधा को दूर करने और मंदिर की धार्मिक गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं।
इन कड़े निर्देशों से उम्मीद है कि बाबा कुशेश्वरनाथ मंदिर में शांति और व्यवस्था बनी रहेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





