
दरभंगा तिहरा हत्याकांड: दरभंगा की शांत भूमि पर एक बार फिर अपराध की काली छाया मंडरा गई है। एक ऐसा मामला जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया, अब उसमें एक बड़ा मोड़ आया है। दरभंगा राज के कुमार कपिलेश्वर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं, जबकि पीड़ित परिवार को न्याय की एक उम्मीद जगी है। स्थानीय जीएम रोड में घटित गर्भस्थ शिशु समेत लोमहर्षक तिहरे हत्याकांड में न्यायालय से अभियुक्त बनाए गए दरभंगा राज के कुमार कपिलेश्वर सिंह की अग्रिम जमानत आवेदन द्वितीय एडीजे संतोष कुमार पांडेय की कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यह दरभंगा तिहरा हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है।
इस फैसले के बाद अब आरोपी सिंह को जमानत पाने की इच्छा रखने पर या तो अदालत में आत्मसमर्पण करना पड़ेगा, अथवा पटना उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल करनी पड़ेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पूरा मामला मकान व जमीन कब्जा करने से जुड़ा है। 10 फरवरी 2023 की शाम एक गर्भवती महिला एवं उसके भाई संजय कुमार की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के सत्रवाद संख्या 217/22 में न्यायालय ने कपिलेश्वर सिंह को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत 10 अक्टूबर 2025 को अभियुक्त बनाते हुए न्यायालय में उपस्थिति के लिए नोटिस जारी किया था। इसी मामले में आरोपी सिंह ने अग्रिम जमानत पाने के लिए सत्र अदालत में याचिका दाखिल की थी, जिसमें उसने कांड की सूचिका समेत मृतकों को अपनी मौसेरी बहन और भाई बताया था।
दरभंगा तिहरे हत्याकांड में आगे क्या?
न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अब कुमार कपिलेश्वर सिंह के पास दो ही विकल्प शेष हैं: या तो वे निचली अदालत में आत्मसमर्पण करें और नियमित जमानत की अर्जी दें, या फिर पटना उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दें। यह देखना दिलचस्प होगा कि कानूनी लड़ाई का अगला अध्याय क्या मोड़ लेता है।
बिहार में अपराध: ट्रैक्टर चालक से मारपीट और लूटपाट की घटना
बिहार में अपराध का एक और मामला सामने आया है, जहां मलिकपुर (जाले) में पुराने विवाद को लेकर एक ट्रैक्टर चालक के साथ मारपीट और छिनतई की घटना को अंजाम दिया गया। जाले थाना क्षेत्र के कछुआ पंचायत के वार्ड एक बड़ी मलिकपुर निवासी अवधेश यादव के पुत्र मनीष कुमार ने इस संबंध में जाले थाने में मारपीट एवं लूटपाट संबंधी प्राथमिकी दर्ज कराई है। मनीष ने अपनी शिकायत में बताया कि 22 अप्रैल को वह अपने ट्रैक्टर-ट्रेलर से खेत से मिट्टी लेकर जा रहा था। रास्ते में सोनू सहनी, सूरज सहनी, चंदन सहनी सहित छोटी मलिकपुर के 10 नामजद व 10 अज्ञात लोगों ने उसका ट्रैक्टर घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए उसे नीचे उतार लिया।
हमलावरों ने लाठी, लोहे के रॉड आदि से पीटकर उसे बेहोश कर दिया और गले से सोने का हनुमानी व जेब से सात हजार रुपये भी निकाल लिए। जब उसके चाचा चंदेश्वर यादव के पुत्र सतीश यादव व अनिल यादव उसे बचाने आए, तो उन्हें भी हमलावरों ने पीटा और अनिल यादव का हनुमानी भी छीन लिया। सोनू सहनी ने बंदूक दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने मामला दर्ज कर तहकीकात का जिम्मा एसआई सुल्तान अहमद को सौंपा है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में अपराध की स्थिति पर सवालिया निशान लगा दिया है।
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