
नवादा हत्याकांड: बिहार के नवादा जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। मेसकौर थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने एक 50 वर्षीय व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी है। इस घटना के बाद से सातनबीघा गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान मिर्जापुर पंचायत के सातनबीघा निवासी स्वर्गीय बहादुर खान के पुत्र महताब खान (50 वर्ष) के रूप में हुई है। महताब अपने तीन भाइयों में अकेले जीवित बचे थे। उनके दोनों भाइयों का पहले ही निधन हो चुका था, जिसके कारण पूरे परिवार, जिसमें उनकी पत्नी और बच्चे शामिल हैं, की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कब और कैसे हुई वारदात?
मिली जानकारी के अनुसार, महताब खान गुरुवार शाम को किसी काम से घर से निकले थे। लेकिन देर रात तक वह वापस नहीं लौटे। शुक्रवार सुबह वजीरगंज प्रखंड के कारी पंचायत अंतर्गत गोविंदपुर के समीप ग्रामीणों ने उनका शव देखा। शव पर गोली के गहरे निशान थे, जिससे साफ है कि अपराधियों ने बड़ी बेरहमी से उनकी हत्या की है। यह ताजा नवादा अपराध जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
नवादा हत्याकांड की जाँच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही मेसकौर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाने स्तर पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूत्रों की मदद ली जा रही है। जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस नवादा हत्याकांड के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, और ग्रामीण पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
महताब खान अपने मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे, यही वजह है कि उनकी मौत से गांव के लोग भी सदमे में हैं। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं दूसरी ओर इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश और दहशत का माहौल है।
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