
Kiul River: लखीसराय से बड़ी खबर आ रही है जहां किऊल नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन को सूर्य नारायण घाट पर चल रहे यज्ञ को रोकना पड़ा है। लेकिन आस्था का सैलाब ऐसा है कि श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर भी पूजा के लिए नदी पार कर रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया है और लोगों से नदी में न जाने की अपील की है।
क्यों बढ़ा Kiul River का जलस्तर?
मिली जानकारी के अनुसार, जमुई स्थित डैम से शुक्रवार दोपहर और रात को पानी छोड़े जाने के कारण किऊल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। आमतौर पर वैशाख माह में जहां यह नदी सूखी रहती थी, वहीं इस समय पानी की तेज धार बह रही है। नदी में पानी बढ़ने के कारण यज्ञ स्थल तक जाने वाला कच्चा रास्ता भी टूट गया है, जिससे वहां पानी का तेज बहाव जारी है। यह Lakhisarai News पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
प्रशासन की सख्ती, श्रद्धालुओं की आस्था
जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सूर्य नारायण घाट पर चल रहे यज्ञ पर रोक लगा दी है। एसडीओ प्रभाकर कुमार के आदेश पर अंचलाधिकारी अजय राठौर और स्थानीय थानाध्यक्ष ने यज्ञ स्थल को बंद करा दिया है। प्रशासन ने खतरे को देखते हुए यज्ञ स्थल की बैरिकेडिंग भी कर दी है, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ रही है। लोग नदी की तेज धार के बीच पैदल ही पानी पार कर यज्ञ मंडप तक पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह भगवान की ओर से ली जा रही एक परीक्षा है, जिसे वे अपनी श्रद्धा से पार करेंगे। कई श्रद्धालु इसे चमत्कार मान रहे हैं कि वैशाख की भीषण गर्मी में नदी में धूल उड़ने के बजाय पानी की लहरें उठ रही हैं। Kiul River में पानी का तेज बहाव देखा जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, लोगों से अपील
अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ) प्रभाकर कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यज्ञ स्थल और सूर्य नारायण घाट पर अंचलाधिकारी सहित पुलिस बल की तैनाती कर दी है। थाना प्रभारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लोगों को नदी पार करने से रोका जाए। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और उफनती नदी में प्रवेश न करें, क्योंकि पानी का स्तर किसी भी समय और बढ़ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






