
Nal Jal Yojana: बिहार की यह महत्वाकांक्षी योजना, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, आज कई जगहों पर अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। जमुई जिले के खैरा प्रखंड स्थित चुआ पंचायत के वार्ड नंबर 08 में ग्रामीण पिछले एक साल से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। शिकायतें लगातार हो रही हैं, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं।
जमुई के चुआ में Nal Jal Yojana की बदहाली
जमुई जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित खैरा प्रखंड के चुआ पंचायत का वार्ड नंबर 08 मुख्यमंत्री नल-जल योजना की जमीनी हकीकत को उजागर कर रहा है। यहां स्थापित पानी टंकी और मोटर पंप बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे लोगों को स्वच्छ पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि कई घरों तक तो पानी पहुंचता ही नहीं है, और जहां पहुंचता भी है, वहां गंदा और बदबूदार पानी आता है।
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी ऊपर से टूट चुकी है, जिससे पानी लगातार बर्बाद हो रहा है। इसके साथ ही, मोटर पंप का कनेक्शन सीधे बिजली के पोल से जोड़ दिया गया है, जिससे बार-बार शॉर्ट सर्किट और मोटर खराब होने की समस्या बनी रहती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जब भी मोटर खराब होता है, ग्रामीण खुद चंदा इकट्ठा कर उसकी मरम्मत करवाते हैं। पिछले करीब एक साल से गांव में गहरा जल संकट बना हुआ है और स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
ग्रामीणों का दर्द और प्रशासन से मांग
ग्रामीणों की आपबीती सुनकर उनकी परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
- सिया देवी और रीना देवी बताती हैं कि उनके घरों में कई दिनों तक पानी नहीं आता, और जो आता भी है वह इतना गंदा होता है कि उसे पीने की मजबूरी है या फिर दूर से पानी लाना पड़ता है।
- सुभाष कुमार रावत के अनुसार, नल-जल योजना शुरू होने के बाद से ही परेशानी बनी हुई है। अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। टूटी टंकी से पानी की बर्बादी भी लगातार हो रही है।
- रंजू देवी ने चिंता जताते हुए कहा कि गंदा पानी पीने से गांव में कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है क्योंकि पानी के लिए दूर-दूर जाना पड़ता है।
- राम प्रवेश रावत ने आरोप लगाया कि मोटर का कनेक्शन सीधे पोल से होने के कारण बार-बार शॉर्ट सर्किट होता है। सरकार की Nal Jal Yojana का लाभ जनता को सही तरीके से नहीं मिल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
ग्रामीणों ने प्रशासन और पीएचईडी विभाग से त्वरित जांच कर खराब टंकी की मरम्मत, मोटर की उचित व्यवस्था और नियमित साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस जल संकट से निजात मिल सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






