
Bhagalpur Trade Impact: पूर्वी बिहार और सीमांचल की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर की व्यापारिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इसका सबसे बुरा असर हरी सब्जियों और केला कारोबार पर पड़ा है, जिससे व्यापारी और आम जनता दोनों परेशान हैं।
भागलपुर हमेशा गंगा पार के इलाकों से आने वाली हरी सब्जियों और केलों का एक बड़ा केंद्र रहा है। पुल बनने के बाद, रोज़ाना हज़ारों क्विंटल सब्ज़ियां और केले गंगा पार से सीधे भागलपुर मंडी पहुँचते थे, जिससे शहर की Vegetable Supply सुचारू रहती थी। लेकिन, पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद, परिवहन का यह आसान और तेज़ रास्ता अब बंद हो गया है। अब सामान लाने के लिए नावों और लंबे, घुमावदार रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लागत कई गुना बढ़ गई है और समय भी बहुत अधिक लग रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने का Bhagalpur Trade Impact: आवक घटी, दाम बढ़े
स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, पहले जहां रोज़ाना 5 से 7 हज़ार क्विंटल सब्ज़ियां गंगा पार से आती थीं, वहीं अब मुश्किल से कुछ सौ क्विंटल ही पहुँच पा रही हैं। परिवहन खर्च में भारी वृद्धि के कारण, कई सब्जी और केला व्यापारियों को अपनी उपज गंगा पार के इलाकों में ही कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
व्यापारी की आपबीती और केला कारोबार का हाल
एक स्थानीय सब्जी व्यापारी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, “पुल टूटने से पहले हम रोज़ 200-300 क्विंटल माल मंगवाते थे। अब नाव से सामान लाने में लागत दोगुनी हो गई है और समय भी दोगुना लगता है। कई बार तो सामान मंडी पहुँचने से पहले ही खराब हो जाता है। मजबूरन हमें घाटे में बेचकर नुकसान उठाना पड़ रहा है।”
केला कारोबार पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। भागलपुर केला की खपत और व्यापार के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन आपूर्ति बाधित होने से बाज़ार में कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। खुदरा विक्रेता भी ऊँचे दामों पर माल खरीदने को विवश हैं, जिसका सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
स्थानीय प्रशासन और विभिन्न व्यापार संघों ने सरकार से विक्रमशिला पुल की मरम्मत कार्य में तेज़ी लाने या तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। पुल की मरम्मत में हो रही देरी से न केवल व्यापार ठप पड़ रहा है, बल्कि गंगा पार के हज़ारों किसानों की आय भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस समस्या का जल्द समाधान होना Bhagalpur Trade Impact को कम करने के लिए आवश्यक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







