
Bihar Teacher Protest: पटना। बिहार में शिक्षकों की भर्ती के लिए चल रही TRE-4 प्रक्रिया के अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज ने राज्य में उबाल ला दिया है। इस घटना के विरोध में आज पूरे बिहार में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की तैयारी है, जिसमें भाकपा-माले, आइसा और आरवाईए जैसे छात्र संगठन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन करेंगे।
पटना में शाम 4:30 बजे जीपीओ गोलंबर के पास बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और छात्र संगठनों के सदस्य जुटेंगे। छात्र संगठनों का आरोप है कि शिक्षक बहाली और रोजगार की मांग कर रहे युवाओं पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग किया, जिसके खिलाफ यह राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
छात्र संगठनों का आरोप: लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन
TRE-4 अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर छात्र संगठनों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाकपा-माले, आइसा और आरवाईए ने स्पष्ट कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा दमन है। उनका मानना है कि युवाओं की आवाज को दबाने के लिए प्रशासनिक ताकत का दुरुपयोग किया गया है। संगठनों ने इसे केवल पुलिस की अति सक्रियता नहीं, बल्कि रोजगार मांगने वाले युवाओं के प्रति सरकार के कठोर रवैये का प्रतीक बताया है।
पुलिस कार्रवाई के बाद तेज हुआ Bihar Teacher Protest
छात्र संगठनों का दावा है कि इस लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कुछ छात्रों के सिर में चोटें आईं और महिला अभ्यर्थियों के साथ भी बदसलूकी की खबरें हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने कहा कि जिन युवाओं के कंधों पर भविष्य में बिहार की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी, आज उन्हीं को सड़कों पर दौड़ाकर पीटा गया। इस घटना ने शिक्षक बहाली की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को और तीव्र कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
प्रमुख मांगें और सरकार से अपील
भाकपा-माले नेताओं ने बताया कि बिहार के सरकारी स्कूलों में आज भी शिक्षकों की भारी कमी है, लाखों पद खाली पड़े हैं। इसके बावजूद नई बहाली प्रक्रिया में स्पष्टता का अभाव है। छात्र संगठनों ने सरकार से तत्काल TRE-4 वैकेंसी जारी करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई, घायल अभ्यर्थियों के निःशुल्क इलाज और उन्हें उचित मुआवजे की मांग भी उठाई गई है।
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर पटना के साथ-साथ राज्य के कई अन्य जिलों में भी छात्र संगठनों ने व्यापक तैयारियां की हैं। राजधानी पटना में जीपीओ गोलंबर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा सकती है। छात्र संगठनों का कहना है कि जब भी युवा रोजगार और शिक्षा के सवाल पर आवाज उठाते हैं, सरकार उन्हें पुलिस बल के प्रयोग से दबाने का प्रयास करती है। यह Bihar Teacher Protest सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







