
बेनीपुर कार्यालय निर्माण: बेनीपुर में एक सरकारी दफ्तर बनने की बात क्या हुई, जैसे उस पर किसी की बुरी नज़र लग गई हो। आठ महीने से काम शुरू है, लेकिन अब तक नींव तक नहीं पड़ पाई है। ‘सौ दिन चले ढाई कोस’ की कहावत यहां पूरी तरह फिट बैठती है।
क्यों अटका बेनीपुर कार्यालय निर्माण?
बेनीपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन निर्माण कार्य में कथित लापरवाही और धीमी गति के कारण अब इसका समय सीमा के भीतर पूरा होना असंभव सा लग रहा है। इस परियोजना को लेकर क्षेत्र में असंतोष व्याप्त है।

स्थानीय विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी के अथक प्रयासों से बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में इस भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 26 सितंबर 2025 को इसकी आधारशिला रखी, और 13 दिसंबर 2025 को विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी द्वारा इसका कार्यारंभ किया गया। लेकिन, आठ माह बीत जाने के बाद भी भवन की नींव का काम तक पूरा नहीं हो पाया है। खोदी हुई मिट्टी और उसमें जमा पानी ही कार्य की वर्तमान स्थिति बयां कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

इस प्रोजेक्ट के लिए 16.62 करोड़ रुपये की प्राकलित राशि थी, जिसमें से 14.98 करोड़ रुपये के एकरारनामा के बाद एक वर्ष के भीतर भवन निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। प्रारंभिक चरण में प्लिंथ की खुदाई और घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड प्रमुख ने आपत्ति जताई थी, जिसके चलते लगभग एक महीने तक काम रुका रहा। आपसी सुलह के बाद मार्च में काम फिर शुरू हुआ, लेकिन एक महीने से यह फिर से रुका हुआ है। निर्माण एजेंसी से संपर्क करने का प्रयास लगातार असफल रहा।
विद्युत विभाग और एजेंसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप
निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे भवन निर्माण विभाग के कनीय अभियंता ओम प्रकाश बताते हैं कि प्लिंथ के बाद काम आगे बढ़ाने के लिए बिजली के पोल और तारों को शिफ्ट करने की आवश्यकता है। इसके लिए स्थानीय विद्युत कार्यालय को दो-तीन लिखित पत्र भेजे गए हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। न तो शिफ्टिंग के लिए कोई प्राक्कलन बनाकर हटाने या राशि जमा करने की लिखित सूचना दी गई है, और न ही आगे का कार्य किया जा रहा है।
दूसरी ओर, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता मोने लाल का कहना है कि विभाग या संवेदक के स्तर से उनसे किसी तरह का कोई संपर्क नहीं किया गया है, और न ही ऐसी कोई जानकारी दी गई है जिससे इसे संज्ञान में लेकर त्वरित निष्पादन किया जा सके। यह स्पष्ट रूप से निर्माण में देरी का एक बड़ा कारण है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ‘सारा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ की कार्यप्रणाली में लेट-लतीफी और अनियमितता सर्वविदित है। इस निर्माण में देरी के लिए कई पक्ष जिम्मेदार दिखते हैं। जब तक स्थानीय विधायक पुनः पहल नहीं करेंगे, इस बेनीपुर कार्यालय निर्माण में तेजी नहीं लाई जा सकती है और न ही समय सीमा या गुणवत्ता का अनुपालन सुनिश्चित हो पाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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