
राजस्व कर्मचारी हड़ताल: जाले अंचल कार्यालय में 86 दिनों तक पसरा सन्नाटा अब खत्म हो गया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए सभी राजस्व कर्मचारी सोमवार को काम पर लौट आए हैं, जिससे अंचल कार्यालयों में फिर से चहल-पहल बढ़ गई है।
जाले, बिहार। 86 दिनों के लंबे इंतजार के बाद जाले अंचल कार्यालय में सोमवार को एक बार फिर से रौनक लौट आई है। अंचल में पदस्थापित सभी 11 राजस्व कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है। इससे पहले, अपनी जायज मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर थे, जिस कारण अंचल कार्यालय के सारे कार्य ठप पड़े थे। आम जनता को प्रमाण पत्र बनवाने, लगान रसीद कटवाने और भूमि संबंधी अन्य कार्यों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा था।
राजस्व कर्मचारी हड़ताल: जानें कारण और प्रभाव
राजस्व कर्मचारियों ने बताया कि वे अपनी पुरानी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। इन मांगों में पदोन्नति, वेतनमान में वृद्धि और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल थे। इस दौरान पूरे जाले अंचल में राजस्व संबंधी सभी काम ठप पड़ गए थे, जिससे न केवल सरकारी राजस्व पर असर पड़ा बल्कि आम लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
काम पर लौटने से मिली राहत
कर्मचारियों के काम पर लौटने से अब अंचल कार्यालय में चहल-पहल बढ़ गई है और लंबित पड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि अब उन्हें अपने रोजमर्रा के कामों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
सभी राजस्व कर्मचारियों ने अपने योगदान की पुष्टि की है और अब वे पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करेंगे। यह खबर उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आई है जिनके काम हड़ताल की वजह से रुके हुए थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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