
Bihar Congress Strategy: बिहार कांग्रेस के लिए आज का दिन बेहद अहम है! पटना के सदाकत आश्रम में प्रदेश कांग्रेस की बड़ी बैठक होने जा रही है, जिसका मकसद पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से मजबूत करना है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु समेत सभी जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता संगठन विस्तार की रणनीति पर मंथन करेंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य एजेंडा ‘संगठन सृजन साथी अभियान’ की समीक्षा, डिजिटल सदस्यता को बढ़ावा देना और आगामी चुनावों से पहले पार्टी को बूथ स्तर तक सशक्त बनाना है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि केवल जिला स्तर पर सक्रियता से चुनावी चुनौतियों का सामना नहीं किया जा सकता। यह कवायद बिहार कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती के लिए एक स्पष्ट Bihar Congress Strategy के तौर पर देखी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Bihar Congress Strategy: संगठनात्मक समीक्षा और आगे की राह
बैठक में ‘संगठन सृजन साथी अभियान’ की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। जिन जिलों में सदस्यता अभियान और संगठन विस्तार की गति धीमी रही है, वहां नई और प्रभावी रणनीतियों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि वे कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर सकें और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय कर सकें।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के निर्देश पर, बिहार के 53 सांगठनिक जिलों में कुल 155 जिला ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। इन पर्यवेक्षकों का मुख्य दायित्व अपने-अपने जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जोड़ना, नई टीम का गठन करना और स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों में तेजी लाना है। कांग्रेस नेतृत्व का दृढ़ विश्वास है कि अनुभवी नेताओं की निगरानी में ही संगठनात्मक गतिविधियों को अपेक्षित गति मिल पाएगी।
डिजिटल सदस्यता और नए मानक
इस अभियान में डिजिटल तकनीक का भी महत्वपूर्ण योगदान है। कांग्रेस ने BPCC ऐप के माध्यम से सदस्यता अभियान को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे इच्छुक कार्यकर्ता आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि किसी अन्य राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा, ताकि यह एक पारदर्शी और नियंत्रित सदस्यता अभियान बना रहे।
संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पाने के लिए नए और कड़े मानक भी तय किए गए हैं। जिलाध्यक्षों के लिए कम से कम 2,000 ‘सृजन साथी’ जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि ब्लॉक अध्यक्ष पद के दावेदारों को 200 ‘सृजन साथी’ बनाना अनिवार्य होगा। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यह प्रक्रिया संगठन में सक्रिय और समर्पित लोगों को आगे लाने में सहायक होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने की यह कवायद कांग्रेस के लिए आगामी चुनावों में वापसी की राह आसान कर सकती है।
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