
ट्रेन सेवाएँ प्रभावित: सीमांचल के रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे के दो बड़े एनआई (Non-Interlocking) वर्क के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं या उनके रूट में बदलाव किया गया है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अररिया: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के किशनगंज और पंजीपारा के बीच चल रहे एनआई वर्क तथा समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर दोहरीकरण के कारण सीमांचल के रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों के परिचालन को रद्द या आंशिक रूप से प्रभावित करने का निर्णय लिया है।
कौन सी ट्रेनें रद्द और आंशिक रूप से प्रभावित?
रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, जोगबनी से सिलीगुड़ी जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन आगामी 14, 15 और 16 मई को पूरी तरह रद्द रहेगी। वहीं, जोगबनी से दानापुर जाने वाली महत्वपूर्ण ट्रेन 12, 13 और 14 मई को दानापुर तक नहीं जाएगी, बल्कि केवल दरभंगा तक ही संचालित होगी। यह निर्णय एनएफ रेलवे मालीगांव और ईसी रेलवे हाजीपुर के सीपीटीएम (मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक) द्वारा यात्रियों को पत्र जारी कर सूचित किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें और वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव
जोगबनी-दानापुर ट्रेन सीमावर्ती क्षेत्र के यात्रियों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। बड़ी संख्या में लोग इसी ट्रेन से समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और पटना तक का सफर करते हैं। यह सुबह की आरामदायक यात्रा का सबसे सस्ता और सुलभ साधन थी। अचानक तीन दिनों तक इस ट्रेन के आंशिक परिचालन और इंटरसिटी के रद्द होने से हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब उन्हें रात की ट्रेनों या अधिक किराए वाली वंदे भारत और सीमांचल एक्सप्रेस जैसे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो आम यात्रियों के बजट और समय सारणी के अनुकूल नहीं हैं। मध्यमवर्गीय और दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जोगबनी-सिलीगुड़ी इंटरसिटी के रद्द होने से नेपाल और बंगाल के बीच व्यापार, चिकित्सा, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए यात्रा करने वाले भी प्रभावित हुए हैं। इन रेलवे सेवाएँ में अचानक हुए बदलाव से व्यापारिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
ट्रेन सेवाएँ प्रभावित: रेलवे के फैसले पर उठे सवाल
यात्रियों का कहना है रेलवे चाहता, तो अररिया-गलगलिया रेलखंड के रास्ते जोगबनी-सिलीगुड़ी ट्रेन का परिचालन जारी रखा जा सकता था। ऐसा करने पर ट्रेन को रद्द करने की आवश्यकता नहीं पड़ती और यात्रियों को बड़ी राहत मिलती। कुल मिलाकर, इस बार ट्रेन सेवाएँ प्रभावित होने से आम जनता पर खासा असर पड़ा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यात्रियों की चिंता है कि यदि एनआई वर्क की समय-सीमा आगे बढ़ी, तो उनकी मुश्किलें और भी बढ़ जाएंगी।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







