
बाल हत्या: होली के दिन जिस चाचा ने अपनी ही मासूम भतीजी का सिर फोड़कर उसकी जान ले ली थी, अब उसे अदालत ने दोषी ठहराया है। दरभंगा की अदालत ने इस जघन्य अपराध में फैसला सुनाते हुए आरोपी को धारा 302 के तहत दोषी करार दिया है। 15 मई को उसकी सजा तय की जाएगी।
जघन्य बाल हत्या का मामला: क्या हुआ था होली के दिन?
दरभंगा सिविल कोर्ट के जिला एवं द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने छह साल की बच्ची की बाल हत्या के आरोप में उसके चाचा भोला पासवान को मंगलवार को दोषी करार दिया है। यह जघन्य अपराध 18 मार्च 2022 को होली के दिन बहादुरपुर पतोर ओपी क्षेत्र के कोकट गांव में हुआ था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। लोक अभियोजक अमरेन्द्र नारायण झा ने बताया कि दोषी भोला पासवान अपने भाई संगम लाल पासवान के घर में हाथ में लकड़ी का चैला लेकर हंगामा कर रहा था। जब उसकी मां कमली देवी ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने उनके सिर पर वार कर दिया। इसी दौरान, हाथों में अबीर लिए मासूम अन्नू कुमारी वहां आ गई, जिसके सिर पर भोला ने चैला से वार कर दिया, जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई।
दरभंगा कोर्ट में चला त्वरित विचारण, अब सजा का इंतजार
इस मामले में संगम लाल पासवान ने बहादुरपुर (पतोर ओपी) में कांड संख्या 106/22 दर्ज कराया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 341, 323, 307, 302, 504, और 506 के तहत मामला दर्ज किया था। सत्र वाद के विचारण में लोक अभियोजक श्री झा के निर्देशन में ए.पी.पी. चम्पा मुखर्जी ने अनुसंधानकर्ता और डॉक्टरों समेत कुल 5 गवाहों की गवाही कराई। अभियोजन पक्ष ने इस मामले का त्वरित विचारण कराकर अभियुक्त का जुर्म साबित करने में सफलता हासिल की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अब दरभंगा कोर्ट 15 मई को दोषी भोला पासवान की सजा पर सुनवाई करेगा और निर्णय सुनाएगा। दोषी अभियुक्त पिछले चार साल और एक महीने से काराधीन है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मासूम बच्ची को मिला न्याय
न्याय व्यवस्था ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता। यह फैसला उन सभी अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो मासूमों को अपना शिकार बनाते हैं। इस फैसले से पीड़ित परिवार को कुछ हद तक शांति मिलेगी और मासूम अन्नू कुमारी को न्याय मिल सकेगा।







