
दानापुर ट्रेन डिले: भैया! अगर आप आज सुबह पटना-दिल्ली रेल मार्ग पर सफर करने वाले थे, तो आपकी किस्मत थोड़ी खराब रही। मंगलवार सुबह-सुबह कुछ शातिर चोरों ने दानापुर रेल मंडल की सुरक्षा में सेंध लगाई और सिग्नल केबल काटकर भाग गए, जिसका खामियाजा हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ा। भीषण गर्मी में लोग घंटों स्टेशन और ट्रेनों में फंसे रहे।
मंगलवार की सुबह पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल में सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक सामने आई। दानापुर स्टेशन के पूर्वी छोर स्थित खगौल गुमटी के पास बेखौफ चोरों ने रूट रिले इंटरलॉकिंग (RRI) रूम का ताला तोड़कर सिग्नल केबल को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस आपराधिक घटना के कारण पटना-दिल्ली मुख्य रेल खंड पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह चरमरा गया, जिससे हजारों रेल यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चोरों का मकसद सिर्फ तांबे के तार चुराना था, लेकिन उनका यह कृत्य लाखों यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कैसे हुई ये बड़ी चूक?
जानकारी के अनुसार, मंगलवार तड़के अज्ञात चोरों ने खगौल गुमटी के पास स्थित रेल विभाग के अति-संवेदनशील आरआरआइ रूम को निशाना बनाया। चोरों ने गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और सिग्नलिंग के लिए उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण केबल को काट दिया। जैसे ही केबल काटा गया, पैनल रूम में सिग्नल फेल्योर का अलार्म बज उठा। ड्यूटी पर मौजूद रेलकर्मी तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। कर्मचारियों को अपनी ओर आता देख चोर केबल से निकाले गए तांबे के स्ट्रिप लेकर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। हालांकि कर्मियों की सजगता से बड़ी चोरी टल गई, लेकिन तब तक सिग्नल प्रणाली पूरी तरह ठप हो चुकी थी। यह घटना रेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
कौन सी ट्रेनें फंसीं और यात्रियों का क्या हाल?
इस आपराधिक घटना का सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा और दानापुर ट्रेन डिले की स्थिति बन गई। सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर तक अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों की लंबी कतार लग गई। सबसे बुरा हाल बक्सर-आरा-पटना सेक्शन का रहा, जहां 13 से अधिक महत्वपूर्ण ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों और हॉल्ट पर घंटों खड़ी रहीं।
- 13258 जनसाधारण एक्सप्रेस: अपने निर्धारित समय सुबह 7:30 बजे के बजाय लगभग 4.5 घंटे की देरी से दोपहर 12:02 बजे दानापुर पहुँची।
- 15125 काशी-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस: बिहटा स्टेशन पर घंटों तक खड़ी रही, जिससे यात्रियों ने ट्रैक पर उतरकर हंगामा भी किया।
- 20802 मगध एक्सप्रेस व 53212 सासाराम-पटना पैसेंजर: इन दोनों ट्रेनों को आरा स्टेशन पर ही रोक दिया गया।
- मेमू व सवारी गाड़ियाँ: 63232 डाउन बक्सर-पटना मेमू पाली हॉल्ट पर, जबकि 22362 डाउन एक्सप्रेस कुल्हाड़िया में फंसी रही। दानापुर-तिलैया सवारी गाड़ी (53232) तो अपने निर्धारित समय (8:50 AM) से 3 घंटे बाद तक रवाना ही नहीं हो सकी।
- प्रीमियम ट्रेनें: बेंगलुरु-पटना हमसफर एक्सप्रेस (22354) भी लगभग 3 घंटे की देरी से दोपहर 1:07 बजे पटना जंक्शन पहुँची।
जांच और रेलवे का बयान
घटना की सूचना मिलते ही दानापुर मंडल के सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुँची। केबल बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण उसे जोड़ने में विशेषज्ञों को घंटों पसीना बहाना पड़ा। तकनीकी टीम ने घंटों मशक्कत कर केबल को दुरुस्त किया, जिसके बाद दानापुर ट्रेन डिले के कारण रुके परिचालन को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सका। सुरक्षा की दृष्टि से जब तक केबल दुरुस्त नहीं हुआ, तब तक ट्रेनों को ‘पेपर मेमो’ (मैनुअल सिग्नलिंग) के आधार पर अत्यंत धीमी और नियंत्रित गति से निकाला गया। इसी कारण एक ट्रेन को निकालने में सामान्य से तीन गुना अधिक समय लगा, जिससे देरी का ग्राफ बढ़ता चला गया।
रेलवे की इतनी महत्वपूर्ण और संवेदनशील जगह (आरआरआइ रूम) का ताला टूट जाना रेलवे सुरक्षा बल की गश्ती पर बड़े सवाल खड़े करता है। इस तरह की घटना भविष्य में न हो, इसके लिए रेल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। रेल पुलिस आसपास के इलाकों में संदिग्ध कबाड़ दुकानों और पूर्व के अपराधियों के रिकॉर्ड खंगाल रही है।
सीनियर डीसीएम, दानापुर रेल मंडल अभिनव सिद्धार्थ ने बताया कि सिग्नल केबल बाधित होने के कारण लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। सूचना मिलते ही तकनीकी टीम ने फाल्ट को दूर कर दोपहर तक परिचालन सामान्य कर दिया था। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए रेलवे खेद प्रकट करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट उदय सिंह पवार ने भी चोरों को जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि खगौल गुमटी के पास आरआरआइ रूम में हुई चोरी और तोड़फोड़ के मामले को गंभीरता से लिया गया है। अज्ञात अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक साक्ष्यों की मदद ली जा रही है, जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
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