
University Reforms: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में छात्रों और शिक्षा के भविष्य को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने प्रधानाचार्यों और विभागाध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार और अकादमिक कैलेंडर के कड़ाई से पालन पर जोर दिया गया।
दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य, विभागाध्यक्ष, पदाधिकारी और IQAC/DQAC समन्वयक शामिल हुए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में University Reforms को गति देना और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना था। कुलपति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित मूल्यांकन किया जाए और शैक्षणिक कैलेंडर का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

मेरु परियोजना और डिजिटल डेटाबेस: LNMU में University Reforms की तैयारी
कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने बताया कि देश के 35 राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों को ‘मेरु’ परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है और LNMU भी इसका हिस्सा है। इसके लिए विश्वविद्यालय को सही डेटा की आवश्यकता है। आईटी सेल द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए पोर्टल पर सभी शिक्षकों का डेटा, उनकी उपलब्धियां और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी अपलोड करनी होगी। उन्होंने संस्था प्रमुखों को शिक्षकों को डेटा प्रविष्टि के लिए प्रोत्साहित करने और नियमित पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया।
छात्र हित में इंटर्नशिप और व्यावहारिक ज्ञान
कुलपति ने इंटर्नशिप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह छात्रों को कम खर्च में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने का सर्वोत्तम माध्यम है। छात्र अपनी सुविधा और विषय के अनुकूल विभिन्न संस्थानों जैसे बैंक, डेयरी, एनजीओ, कंपनियां, डीएम कार्यालय या सहकारिता विभाग में इंटर्नशिप कर सकते हैं। इससे उनके व्यक्तित्व का विकास होगा और भविष्य के लिए वे बेहतर तैयार हो पाएंगे। उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्रधानाचार्य और विभागाध्यक्ष वर्ग संचालन का नियमित मूल्यांकन करें और शैक्षणिक कैलेंडर का कड़ाई से पालन करवाएं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने नियम विरुद्ध किसी भी कार्य से बचने और सभी दस्तावेज़ों को दुरुस्त रखने की सलाह दी, क्योंकि ये हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं। यदि आज छात्र हित में अच्छे और उचित कार्य किए जाते हैं, तो भले ही थोड़ी शिकायत हो, अंततः कोई नुकसान नहीं होगा।
कुलपति ने शिक्षकों से नजदीक के विशेषज्ञों से विशेष व्याख्यान और प्रायोगिक कक्षाओं का संचालन कराने को कहा। साथ ही, स्मार्ट कक्षाओं का प्रयोग करने, सीसीटीवी, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि आने वाला समय ‘मुक्स’ (MOOCs) का है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों की अधिकांश समस्याएं दूर हो सकेंगी। अंत में, उन्होंने सूचित किया कि विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य वर्ष में दो बार कॉलेजों का दौरा करेंगे और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जो इन University Reforms की प्रगति का मूल्यांकन करेगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में आईटी सेल के प्रभारी डॉ. अंकित कुमार, इंटर्नशिप के नोडल पदाधिकारी डॉ. विपुल स्नेही, वित्तीय परामर्श इंद्र कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता, सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मुश्ताक अहमद, उप कुलसचिव (प्रथम) डॉ. उमाकांत पासवान, विकास पदाधिकारी डॉ. अभिषेक राय और विश्वविद्यालय नोडल पदाधिकारी डॉ. मुदासिर हसन भट्ट जैसे प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। इन सभी ने अपने विचार व्यक्त किए और समस्याओं के समाधान के लिए अपने मोबाइल नंबर भी साझा किए। डॉ. वीरेंद्र कुमार चौधरी, प्रो. मुश्ताक अहमद, डॉ. उमेश कुमार चौधरी, प्रो. नारायण झा और डॉ. फूल पासवान ने प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया। बैठक का कुशल संचालन सीसीडीसी डॉ. गजेंद्र प्रसाद ने किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







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