
बिहार बस सेवा: पटना के सचिवालय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है! अब उन्हें दफ्तर आने-जाने की चिंता नहीं सताएगी। राज्य सरकार ने उनके लिए एक खास बस सेवा शुरू की है, जो न सिर्फ आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि शहर के ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को कम करने में भी मदद करेगी।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम पटना में नए और पुराने सचिवालय में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक नई समर्पित बस सेवा शुरू करने जा रहा है। यह सेवा सरकारी कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक परिवहन में सुधार के राज्य के सबसे दृश्यमान प्रयासों में से एक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह नई बिहार बस सेवा 18 मई से शुरू होगी, जिसमें इलेक्ट्रिक बसें और विशेष गुलाबी बसें शामिल होंगी। इसका उद्देश्य कार्यालय आवागमन को अधिक सुलभ बनाना और सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या को कम करना है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य न केवल सुविधा में सुधार करना है, बल्कि बिहार की राजधानी में स्वच्छ परिवहन की ओर बदलाव को प्रोत्साहित करना भी है।
मुख्य उद्देश्य और लाभ
यह नई सेवा ऐसे समय में शुरू की जा रही है जब पटना में ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है, खासकर कार्यालय समय के दौरान, जिसमें हजारों सरकारी कर्मचारी प्रतिदिन कार और मोटरसाइकिल से सचिवालय आते-जाते हैं। परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि बसें कर्मचारियों के लिए एक विश्वसनीय और समय पर विकल्प प्रदान करेंगी, जिससे प्रशासनिक केंद्र के आसपास ईंधन के उपयोग और भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि यह सेवा कर्मचारियों को निजी परिवहन से दूर होकर सार्वजनिक प्रणालियों पर अधिक निर्भर रहने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जो शहर में आधिकारिक आवागमन के लिए अभी भी कम उपयोग की जाती हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि पटना में पहले से चल रही 25 इलेक्ट्रिक बसें काफी लोकप्रिय हुई हैं और अब इस कार्यालय परिवहन योजना का समर्थन करने के लिए उनका विस्तार किया जाएगा। अतुल कुमार वर्मा ने कहा कि अगर दैनिक यात्रियों का एक हिस्सा भी निजी वाहनों से इन इलेक्ट्रिक बसों में स्थानांतरित हो जाता है, तो बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल बचाया जा सकता है। इस कदम से कर्मचारियों के लिए आवागमन लागत कम होने की भी उम्मीद है, साथ ही यह राज्य के अधिक ऊर्जा-कुशल परिवहन प्रणाली बनाने के बड़े लक्ष्य में योगदान देगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बिहार ने हाल के वर्षों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है, और अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना उस व्यापक नीति दिशा को दर्शाती है।
रूट और समय सारिणी
इन बसों का मुख्य उद्देश्य प्रमुख आवासीय और परिवहन केंद्रों को सीधे सचिवालय से जोड़ना है, जिससे कई बदलावों या लंबी सड़क यात्राओं की आवश्यकता कम हो जाएगी। सेवाएं निम्न स्थानों से शुरू होंगी:
- पटना जंक्शन मल्टी-मोडल हब
- दानापुर स्टेशन
- धनुकी मोर
- कुर्जी
- गांधी मैदान
यह बसें आर-ब्लॉक, इनकम टैक्स, कंकड़बाग, सगुना मोर, आशियाना नगर, बोरिंग रोड और राजेंद्र नगर जैसे प्रमुख मार्गों को कवर करेंगी। सुबह की सेवाएं सुबह 8:15 बजे से शुरू होंगी ताकि कर्मचारी काम शुरू होने से पहले कार्यालय पहुंच सकें, जबकि वापसी बसें शाम को चलेंगी। महिला कर्मचारियों के समर्थन के लिए शाम 5 बजे चलने वाली एक समर्पित गुलाबी बस भी शुरू की गई है, जो शहर में महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन विकल्पों पर बढ़ते ध्यान को दर्शाती है। राज्य में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह बिहार बस सेवा कर्मचारियों के लिए बहुत सहायक साबित होगी।
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