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NIFTEM: बिहार के इस जिले में खुलेगा देश का तीसरा राष्ट्रीय संस्थान, बदलेगी खाद्य प्रसंस्करण की तस्वीर, जानिए गुड न्यूज़!

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NIFTEM: बिहार के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! अब प्रदेश में देश का तीसरा राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) स्थापित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद इसकी जानकारी दी है, जिससे बिहार को फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।

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बिहार में जल्द ही देश का तीसरा राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) स्थापित होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि वैशाली जिले के हाजीपुर में इस संस्थान की स्थापना को मंजूरी मिल गई है, जो 100 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। यह केंद्र सरकार की एक बड़ी पहल है, जिसका उद्देश्य बिहार को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाना है। इससे पहले, देश में पहला निफ्टेम हरियाणा के सोनीपत के कुंडली में और दूसरा तमिलनाडु के तंजावुर में स्थापित किया गया था।

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मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, अनुसंधान, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। साथ ही, यह हमारे किसानों, युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी जोड़ा कि एनडीए सरकार का संकल्प स्पष्ट है – नए अवसर, नई रफ्तार, समृद्ध बिहार।

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NIFTEM: बिहार में संस्थान की स्थापना और इसके फायदे

दरअसल, हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संस्थान के लिए 100 एकड़ भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई थी। इस मंजूरी के बाद ही हाजीपुर में यह महत्वाकांक्षी संस्थान स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। यह संस्थान राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा देगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

क्या है निफ्टेम और क्या पढ़ाया जाता है?

निफ्टेम उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित एक उच्च शिक्षा संस्थान है। यह खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करता है।

  • चार वर्षीय बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक)
  • दो वर्षीय मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक)
  • पीएचडी डिग्री
  • खाद्य और कृषि व्यवसाय प्रबंधन पर एमबीए पाठ्यक्रम
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इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अलग-अलग मानदंड हैं। बीटेक में जेईई मेन्स के स्कोर के आधार पर प्रवेश होता है, जबकि एमटेक में इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) और व्यक्तिगत साक्षात्कार के माध्यम से दाखिला मिलता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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