
Bihar Toll Tax: बिहार की जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ने वाली है। राज्य सरकार अब स्टेट हाईवे और सरकारी पुलों पर टोल टैक्स फिर से शुरू करने की तैयारी में है। अगर यह लागू होता है तो आठ साल बाद बिहार के लोगों को सड़क यात्रा के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने होंगे।
नई पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है, जिसके तहत लंबी और छोटी दूरी वाले स्टेट हाईवे पर टोल वसूला जाएगा। हालांकि, ग्रामीण सड़कों को फिलहाल इससे बाहर रखा गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बालू की कीमत बढ़ने और जमीन के सर्किल रेट बढ़ने की वजह से पहले ही घर बनाना महंगा हो चुका है। अब सड़क यात्रा का खर्च भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
साल 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के सभी स्टेट हाईवे और सरकारी पुलों से टोल टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया था। उस समय बिहार में 54 सड़कों और 116 पुलों पर टोल वसूला जाता था। सरकार ने तब यह फैसला आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से लिया था, जिसके बाद राज्य के अंदर यात्रा करने वाले लोगों और ट्रांसपोर्ट कारोबार को कुछ राहत मिली थी।
Bihar Toll Tax: सरकार क्यों कर रही वापसी की तैयारी?
अब राज्य में नई राजनीतिक स्थिति और नया नेतृत्व सामने है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार सड़क परियोजनाओं के लिए नए वित्तीय मॉडल पर काम कर रही है। सरकार का मानना है कि सड़क निर्माण, पुलों के रखरखाव और नई परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत है। इसी कारण टोल वसूली की पुरानी व्यवस्था को नए रूप में वापस लाने की तैयारी की जा रही है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक नई टोल नीति में कई बदलाव किए जा सकते हैं। लंबी दूरी वाले स्टेट हाईवे के साथ कम दूरी वाले मार्गों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हालांकि गांवों को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़कों को टोल दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव है। सरकार इस मॉडल को राजस्व बढ़ाने के बड़े कदम के रूप में देख रही है और माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में इससे हजारों करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?
नई नीति का असर सबसे ज्यादा ट्रांसपोर्ट सेक्टर और निर्माण कार्यों पर पड़ सकता है। ट्रक और कमर्शियल वाहनों की आवाजाही महंगी होने पर बाजार में सामान ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। इसका असर निर्माण सामग्री, कृषि उत्पाद और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
पहले से बढ़ चुकी बालू की कीमत और जमीन के सर्किल रेट के बीच यह फैसला आम लोगों के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा कर सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बिहार में टोल का दोबारा लागू होना राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालेगा। अब बिहार में टोल लागू होने से सड़क यात्रा भी महंगी हो जाएगी।







