
Bihar Government Action: बिहार में अब सरकारी दफ्तरों में टालमटोल नहीं चलेगी! आम लोगों की शिकायतों को फाइलों में दबाकर रखने वाले अधिकारियों पर नीतीश सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम के बाद मुजफ्फरपुर में हुई एक बड़ी कार्रवाई इसकी पहली बानगी है।
लापरवाह अधिकारियों पर Bihar Government Action की शुरुआत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों के बाद बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पहले ही साफ कर दिया था कि जनता से जुड़े मामलों का तय समय सीमा में समाधान हर हाल में होना चाहिए। इसी सख्ती का पहला बड़ा असर मुजफ्फरपुर में देखने को मिला, जहां काम में लापरवाही के आरोप में कुढ़नी के राजस्व अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि अब लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने बताया कि विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों और काम में ढिलाई को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। मंत्री ने स्वीकार किया कि राजस्व विभाग पर भ्रष्टाचार और सरकारी काम में देरी के सबसे अधिक आरोप लगते रहे हैं, इसलिए इस व्यवस्था को सख्ती से सुधारने की शुरुआत हो चुकी है। यह सिर्फ एक शुरुआत है, आने वाले दिनों में और भी कार्रवाईयां देखने को मिलेंगी।
मुख्यमंत्री का 30 दिन का अल्टीमेटम और सहयोग पोर्टल
पिछले तीन महीनों से चली हड़ताल के कारण जमीन और राजस्व से जुड़े कई काम लंबित हो गए हैं। ऐसे में सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त संदेश दिया है कि अब दिन-रात मेहनत कर लंबित मामलों को तेजी से निपटाना होगा। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि जब मंत्री स्तर पर ईमानदारी से काम हो रहा है तो अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपनी जिम्मेदारी समय पर निभानी होगी। लापरवाही अब सीधे कार्रवाई का कारण बनेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 मई को ही स्पष्ट कर दिया था कि जनता से जुड़ी किसी भी फाइल को 30 दिनों के भीतर निपटाना अनिवार्य होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी को निलंबन का सामना करना पड़ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सरकार ने इसके लिए ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 भी शुरू किया है ताकि लोग अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकें। मुख्यमंत्री ने दोहराया है कि फाइलें अटकाने या भटकाने की पुरानी संस्कृति अब नहीं चलेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर हो रही इस Bihar Government Action से प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी।
न्यायालय से जुड़े मामलों में भी सख्ती
सरकार ने न्यायालय से जुड़े मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे मामलों में 10वें, 20वें और 25वें दिन अधिकारियों को नोटिस भेजी जाएगी। यदि तय समय तक कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो जिम्मेदार अधिकारी को निलंबन के लिए तैयार रहना होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ें और उन्हें समय पर समस्याओं का समाधान मिले। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी काम में देरी करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







