
Tej Pratap Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से निष्कासित लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने बयानों से सुर्खियों में हैं। उन्होंने गीता पर हाथ रखकर कसम खाई है कि वे जान दे देंगे, लेकिन RJD में कभी वापस नहीं जाएंगे। इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है।
तेज प्रताप ने दो टूक कहा, “मेरे अंतिम समय में भी सिर्फ जनशक्ति जनता दल का कफन ही मुझे पहनाया जाएगा।” यह बयान साफ संकेत देता है कि तेज प्रताप अब अपनी राजनीतिक राह पूरी तरह अलग मान चुके हैं और RJD से कोई रिश्ता नहीं रखना चाहते। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
‘जनशक्ति जनता दल’ के कफ़न की बात
तेज प्रताप यादव के इस दृढ़ निश्चय ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि वे अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करेंगे और अब उनकी निष्ठा पूरी तरह से जनशक्ति जनता दल के साथ है। यह दिखाता है कि लालू परिवार में बढ़ती दूरियां अब और गहरी हो गई हैं।
भोजपुरी संगीत पर Tej Pratap Yadav की नाराज़गी
भोजपुरी संगीत के गिरते स्तर पर भी तेज प्रताप ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भोजपुरी संगीत में काफी ‘गंदगी’ आ गई है। पवन सिंह और खेसारी लाल यादव का नाम लेते हुए उन्होंने बताया कि पहले भिखारी ठाकुर का ‘बिदेसिया’ समाज और परिवार को जोड़ने का काम करता था, लेकिन अब भोजपुरी की दिशा पूरी तरह बदल गई है, जो बेहद निराशाजनक है।
परिवार और राजनीति में झेला दर्द
खुद को महादेव का सच्चा भक्त बताते हुए तेज प्रताप ने जोर देकर कहा कि वे झूठ बोलने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने बताया कि परिवार और राजनीति, दोनों ही जगहों पर उन्होंने काफी दर्द झेला है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कुछ लोगों को ‘जयचंद’ बताया और इशारों में आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उन्हें परिवार से दूर किया गया है। यह बयान उनकी अंदरूनी पीड़ा और असंतोष को उजागर करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
तेज प्रताप यादव के इन बयानों से स्पष्ट है कि उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा के लिए एक अलग मार्ग चुन लिया है। उनकी यह नई राह बिहार की राजनीति में क्या रंग लाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





