
एसबीआई हड़ताल: बैंक ग्राहकों के लिए मई का महीना मुश्किल भरा हो सकता है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। अगर यह हड़ताल होती है तो लगातार कई दिन तक बैंक बंद रहेंगे, जिससे आपकी बैंकिंग सेवाओं पर सीधा असर पड़ेगा।
ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने 25 और 26 मई को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियन का आरोप है कि लंबे समय से लंबित 16 सूत्रीय मांगों पर बैंक प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इन मांगों में मुख्य रूप से कर्मचारियों की कमी को दूर करना, सहायक स्टाफ और सुरक्षा गार्डों की भर्ती करना, और बीमा उत्पादों की गलत बिक्री (मिस-सेलिंग) पर रोक लगाना शामिल है।
कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- पर्याप्त स्टाफ की भर्ती: स्टाफ की भारी कमी से काम का बोझ बढ़ रहा है।
- सहायक स्टाफ और सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति: शाखाओं में सुरक्षा और सहायक सेवाओं में सुधार।
- बीमा उत्पादों की मिस-सेलिंग पर रोक: ग्राहकों के हितों की रक्षा और नैतिक बिक्री प्रथाओं को बढ़ावा देना।
- अन्य लंबित मुद्दे: कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े विभिन्न अन्य मुद्दे भी शामिल हैं।
एसबीआई हड़ताल से बिहार में क्यों है संशय?
पूरे देश में जहां हड़ताल की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं बिहार में स्थिति थोड़ी असमंजस भरी है। राज्य में एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन दो गुटों में बंटा हुआ है, जिसके कारण हड़ताल में भागीदारी को लेकर स्पष्टता नहीं बन पा रही है। खासकर पटना में दोनों गुट एक-दूसरे से अलग दावे कर रहे हैं, जिससे कर्मचारी और ग्राहक दोनों ही संशय में हैं। यह स्थिति एसबीआई हड़ताल के प्रभाव को बिहार में अप्रत्याशित बना सकती है।
लगातार कई दिन बंद रहेंगे बैंक, क्या हैं विकल्प?
इस हड़ताल का असर सीधे आपकी बैंकिंग सेवाएं पर पड़ेगा। दरअसल, 23 मई को चौथा शनिवार, 24 मई को रविवार, उसके बाद 25 और 26 मई को संभावित हड़ताल और फिर 28 मई को बकरीद की छुट्टी के कारण बैंक लगातार कई दिनों तक बंद रह सकते हैं। इससे ग्राहकों को नकद निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंक संबंधी कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ऐसे में ग्राहक नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, नकदी के लिए एटीएम पर भी भीड़ बढ़ सकती है, इसलिए पहले से तैयारी करना समझदारी होगी।
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