
Nalanda University Convocation: नालंदा का नाम सुनते ही दिमाग में आता है ज्ञान की वो भूमि जहां दूर-दूर से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते थे। मंगलवार को राजगीर स्थित आधुनिक नालंदा विश्वविद्यालय में एक बार फिर वही नजारा देखने को मिला, जब तीसरे दीक्षांत समारोह में देश-विदेश के 219 छात्रों के चेहरे डिग्रियां पाकर खुशी से खिल उठे।
मंगलवार को बिहार के राजगीर में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में कुल 14 देशों के 219 विद्यार्थियों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी ने समारोह की गरिमा और बढ़ा दी। बिहार के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के विजिटर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी समेत कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
नालंदा विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट छात्राओं का जलवा
समारोह के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उन विद्यार्थियों की रही, जिन्होंने अपनी असाधारण शैक्षणिक उपलब्धि के लिए गोल्ड मेडल हासिल किए। कुल 8 विद्यार्थियों को यह प्रतिष्ठित गोल्ड मेडल प्रदान किया गया, जिनमें 7 छात्राएं और एक छात्र शामिल रहे। अलग-अलग राज्यों और देशों से आए इन प्रतिभाशाली छात्रों ने मंच पर सम्मान प्राप्त किया और अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शांत माहौल, शिक्षकों के सहयोग और बेहतरीन शैक्षणिक वातावरण को दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
नालंदा: एक वैश्विक शैक्षणिक पहचान
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस दीक्षांत समारोह में नालंदा विश्वविद्यालय के वैश्विक स्वरूप को प्रमुखता से उजागर किया। अधिकारियों ने बताया कि यह संस्थान अब अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पहचान मजबूत कर रहा है, जहां दुनियाभर से छात्र अध्ययन के लिए पहुंच रहे हैं। छात्रों ने भी स्वीकार किया कि यहां पढ़ाई के साथ-साथ शोध का माहौल भी उत्कृष्ट है और नालंदा का शांत वातावरण उनकी पढ़ाई में बेहद मददगार साबित हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्य अतिथि डॉ. पी. के. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का पुनर्जीवन केवल एक शैक्षणिक परियोजना नहीं, बल्कि भारत की ऐतिहासिक विरासत को फिर से स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान दुनिया को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा से जोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने पासआउट छात्रों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







