
IGIMS Patna: राजधानी के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों ने एक एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना के बाद 150 से अधिक मेडिकल छात्रों ने एकजुट होकर ओपीडी से लेकर कंट्रोल रूम तक मोर्चा खोल दिया, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
IGIMS Patna: क्या था पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS Patna) में यह पूरा विवाद न्यूरो सर्जरी ओपीडी में एक मरीज के इलाज और अपॉइंटमेंट न मिलने को लेकर शुरू हुआ। एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र सुधीर कुमार अपने एक परिजन को डॉक्टर से दिखाने के लिए लाए थे, जिनकी हालत बिगड़ रही थी। सुधीर ने ओपीडी में ऑन-ड्यूटी कर्मचारी सुरेंद्र कुमार दास को अपना आईकार्ड दिखाते हुए जल्द अपॉइंटमेंट दिलाने का आग्रह किया। काफी देर तक इंतजार के बाद भी जब मरीज का नंबर नहीं आया, तो छात्र और कर्मचारी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सुरक्षा गार्डों ने छात्र पर हमला कर दिया और उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। छात्र को लात-घूंसों से मारा गया और बालों से खींचकर गार्ड रूम में ले जाकर दीवार से दे मारा गया। बाद में, जब छात्र सुधीर कुमार अपने पाइल्स का प्राथमिक उपचार कराने गया, तो एक अन्य गार्ड ने उससे फिर भिड़ंत की और बेरहमी से मारपीट की।
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सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का समर्थन
इस पूरे मामले को लेकर आईजीआईएमएस रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) भी छात्रों के समर्थन में आ गया है। RDA के अध्यक्ष डॉ. रजत कुमार ने बताया कि पीड़ित छात्र बाकायदा अपना एप्रन और आईकार्ड पहने हुए था और उसने अपना परिचय भी दिया था, इसके बावजूद उसे नजरअंदाज किया गया और बेरहमी से पीटा गया। छात्र अपने परिजन के साथ-साथ खुद के भी बीमार होने की बात कहता रहा, लेकिन ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों ने एक न सुनी। मारपीट की यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है। RDA ने दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का प्रदर्शन अब और तेज़ हो गया है।
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दोषी गार्ड निलंबित, छात्रों ने दी हड़ताल की चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही आईजीआईएमएस टॉप (TOP) थाने की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और आक्रोशित छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया। मेडिकल छात्रों ने संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई और पुलिस कार्रवाई के लिए मुकदमा दर्ज करने की मांग की। निदेशक के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी सुरक्षा गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, संस्थान प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया है और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, एमबीबीएस छात्रों और जूनियर डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मारपीट करने वाले सभी दोषी कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अस्पताल में पूरी तरह से कार्य का बहिष्कार कर हड़ताल पर चले जाएंगे। इस घटना से अस्पताल में मेडिकल छात्रों का प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।
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