
Bihar Medical Store Strike: बिहार में आज मरीजों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। राज्यभर की दवा दुकानें बुधवार को बंद रहेंगी। केमिस्ट संगठनों ने ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में यह राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया है, जिसका असर पूरे प्रदेश में दिखेगा।
Bihar Medical Store Strike का कारण: क्यों हो रहा है यह विरोध?
बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर राज्यभर के दवा विक्रेता राष्ट्रव्यापी बंद में शामिल हो रहे हैं। दवा विक्रेताओं का मुख्य विरोध ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के खिलाफ है। उनका कहना है कि इससे छोटे दुकानदारों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही, बिना उचित निगरानी के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री सीधे तौर पर मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकती है। इस ई-फार्मेसी विरोध को लेकर संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Bihar Medical Store Strike का असर: कहां मिलेगी राहत?
यह Bihar Medical Store Strike राजधानी पटना के साथ-साथ औरंगाबाद, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, बेगूसराय, गोपालगंज, नवादा समेत बिहार के लगभग सभी जिलों में प्रभावी रहेगा। अधिकांश निजी मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे, जिससे दवा खरीदने वालों को काफी परेशानी हो सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अस्पतालों के अंदर संचालित कुछ मेडिकल स्टोर और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी दवा दुकानें आंशिक रूप से खुली रह सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग और दवा विक्रेता संघ ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जरूरी दवाएं पहले ही खरीद लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
आगे की राह: सरकार से क्या है मांग?
दवा विक्रेता संघ ने सरकार से ई-फार्मेसी के लिए कड़े नियम बनाने और अवैध ऑनलाइन दवा कारोबार पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उनका मानना है कि वर्तमान नियमों में ढील का फायदा उठाकर कई प्लेटफॉर्म अनियमित तरीके से दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जो न केवल व्यापारिक हितों के खिलाफ है बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







