
Bihar Land Corruption: बिहार के अंचल कार्यालयों में जमीन रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज और म्यूटेशन के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए नीतीश सरकार ने कमर कस ली है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की पहल पर गृह विभाग ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अधीन एक बेहद शक्तिशाली ‘विशेष सेल’ का गठन किया है। यह सेल अब अंचलाधिकारियों, कर्मचारियों और बिचौलियों के रिश्वतखोरी के खेल का पर्दाफाश करेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य जमीन विवाद से जुड़े मामलों में तेजी से कमी लाना और आम नागरिकों को बिना किसी मानसिक प्रताड़ना के सरकारी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है।
EOU के तहत काम करेगा दस्ता: Bihar Land Corruption पर लगेगी लगाम
बिहार सरकार का यह नया सुरक्षा तंत्र बेहद आक्रामक तरीके से काम करने के लिए जमीन पर उतारा गया है। इस विशेष सेल को पूरी तरह से कार्यशील बनाने के लिए पुलिस महकमे से अनुभवी और तेजतर्रार अफसरों को चुना गया है। नए ढांचे के तहत इसमें पुलिस उपाधीक्षक यानी डीएसपी स्तर के सीनियर कमांडिंग अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पुलिस इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रैंक के पुलिसकर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। आर्थिक अपराध इकाई की तकनीकी विंग और साइबर एक्सपर्ट्स की टीम भी इस सेल को बैकएंड से पूरा सपोर्ट देगी ताकि डिजिटल म्यूटेशन में होने वाली छेड़छाड़ को आसानी से पकड़ा जा सके।
बिचौलियों का नेटवर्क होगा ध्वस्त, अंचलों पर रहेगी पैनी नजर
लंबे समय से राज्य के विभिन्न अंचल कार्यालयों से शिकायतें मिल रही थीं कि बिना सुविधा शुल्क या घूस दिए आम लोगों की जमीनों की रसीद नहीं कटती है। कई इलाकों में तो भू-माफियाओं के साथ मिलकर सरकारी कर्मचारियों द्वारा असली रैयतों की कीमती जमीनों की जमाबंदी ही गायब करने के मामले भी प्रकाश में आए हैं। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए यह विशेष सेल अब संदिग्ध अधिकारियों की संपत्ति और उनके बैंक खातों की भी बारीकी से जांच कर सकेगा। इस सीधी निगरानी से अंचल स्तर पर एक्टिव दलालों और भ्रष्ट बाबुओं का पुराना नेटवर्क पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो जाएगा। नए नियम के अनुसार, दाखिल खारिज की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। इस विशेष सेल को अंचल कार्यालयों में औचक छापेमारी करने, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमाबंदी बदलने वाले गिरोह को रंगे हाथ दबोचने और दोषियों पर सीधे एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने के असीमित अधिकार सौंपे गए हैं।
आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत, कम होंगे जमीन विवाद
बिहार में होने वाले अधिकांश आपराधिक मामलों और आपसी हिंसक झड़पों की मुख्य जड़ कहीं न कहीं जमीन का विवाद ही होता है। नई व्यवस्था के तहत दाखिल खारिज की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा रहा है ताकि किसी भी आवेदन को बेवजह लंबे समय तक लंबित न रखा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यदि कोई अधिकारी बिना किसी ठोस कानूनी कारण के किसी नागरिक का म्यूटेशन आवेदन खारिज करता है तो यह विशेष सेल उस मामले को अपने संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर देगा। इस कड़े कदम से आने वाले दिनों में Bihar Land Corruption पर लगाम लगेगी और राजस्व कार्यालयों में जवाबदेही बढ़ेगी तथा आम जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







