नाव हादसा: अरे भैया, भागलपुर में गंगा नदी अब जान जोखिम में डालकर पार करने का माध्यम बन गई है। विक्रमशिला सेतु की दुर्दशा के बाद नाव ही एकमात्र सहारा है, लेकिन ये नावें भी अब बीच गंगा में डराने लगी हैं। हाल ही में एक बार फिर ऐसा ही भयावह मंजर देखने को मिला, जब यात्रियों से भरी एक नाव बीच धार में खराब हो गई।
गंगा में बार-बार क्यों हो रहे नाव हादसा?
भागलपुर के लिए गंगा नदी पर यात्रा करना अब किसी चुनौती से कम नहीं है। सोमवार को महादेवपुर से बरारी घाट जा रही एक छोटी नाव अचानक बीच गंगा नदी में खराब हो गई। नाव के इंजन बंद होते ही यात्रियों में भगदड़ मच गई और चारों तरफ दहशत का माहौल फैल गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह घटना फिर से गंगा नदी में यात्रा की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।
SDRF ने दिखाई मुस्तैदी, सभी यात्री सुरक्षित
सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम तुरंत हरकत में आई। एसडीआरएफ के जवानों ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। एक अन्य नाव की मदद से खराब हुई नाव को टोचन कर सुरक्षित बरारी घाट तक पहुंचाया गया। इस दौरान नाव में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई का नतीजा था कि किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ।
गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद से गंगा नदी पर नावों से आवाजाही एकमात्र विकल्प बन गई है। पिछले कुछ समय में ऐसी लगभग आधा दर्जन घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जब नावें बीच गंगा में खराब हो गईं। यह स्थिति यात्रियों के लिए चिंता का विषय है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। लगातार हो रहे ऐसे नाव हादसा यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं और प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।







