Power Outage: दरभंगा केवटी में सोमवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने ऐसा तांडव मचाया कि लोगों की जिंदगी बेपटरी हो गई है। 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से हाहाकार मचा हुआ है, वहीं किसानों की लाखों की फसलें भी बर्बाद हो गई हैं।केवटी प्रखंड क्षेत्र में सोमवार की रात आई तेज आंधी, वर्षा और हल्की ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस दौरान जगह-जगह बिजली के पोल टूटकर गिर गए, बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए और ट्रांसफार्मर पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। छतवन, लहवार, खिरमा, दड़िमा मोहनपुर, बनवारी और डूमरी समेत कई इलाकों में क्षतिग्रस्त तारों और पोलों की मरम्मत में बिजलीकर्मी जुटे हुए हैं।
समाचार लिखे जाने तक कुछ जगहों पर बिजली सेवा बहाल कर दी गई थी, जबकि कई इलाकों में अभी भी काम जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। लगभग बीस घंटे से जारी इस Power Outage ने उपभोक्ताओं को भारी परेशानी में डाल दिया है।
बिजली बहाली में जुटी टीम, कई इलाके अब भी अंधेरे में
बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर बिजली बहाल करने के प्रयास में लगी हुई हैं। हालांकि, बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के कारण इसमें समय लग रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अंधेरा पसरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।आंधी और बारिश का असर केवल बिजली पर ही नहीं पड़ा, बल्कि सड़कों पर भी इसका व्यापक प्रभाव दिखा। दरभंगा-जयनगर एनएच 527 बी पर खिरमा पेट्रोल पंप के पास एक विशाल बरगद का पेड़ गिरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। बाद में जेसीबी की मदद से पेड़ को हटाकर सड़क को आवागमन के लिए खोला जा सका।
Power Outage से त्रस्त जनजीवन: सड़कें जाम, फसलें बर्बाद
तूफानी आंधी और बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं खेतों में पानी के जलजमाव से मूंग और सब्जी की फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। ग्रामीण इलाकों में किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। इस बेमौसम फसल क्षति ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सड़कों पर जलजमाव और कीचड़ ने भी आवागमन को मुश्किल बना दिया है। पैगंबरपुर, रनवे, पुरानी टोला केवटी, दड़िमा और दिघियार जैसे गांवों की सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा होने से लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण मार्गों पर फिसलन बढ़ जाने से वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ गया है।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







