Bihar Politics News: बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात 45 मिनट तक चली। सूत्रों के मुताबिक, इसमें बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और विजय सिन्हा की भविष्य की भूमिका पर गहन चर्चा हुई है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
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प्रधानमंत्री मोदी और विजय सिन्हा के बीच हुई इस बैठक में बिहार के संगठनात्मक समीकरणों और कई समसामयिक मुद्दों पर भी विस्तार से बात की गई। विजय सिन्हा ने पीएम को राम की मूर्ति भेंट की, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच कई अहम बिंदुओं पर मंथन हुआ।
पीएम मोदी और विजय सिन्हा के बीच क्या बात हुई?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विजय सिन्हा ने बिहार के मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर अपनी बात प्रधानमंत्री के सामने रखी। इसके साथ ही, आगे की राजनीतिक भूमिका और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा होने की बात कही जा रही है। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सियासी गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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डिप्टी सीएम से कृषि मंत्री तक का सफर: भविष्य की भूमिका पर संकेत
नीतीश कुमार सरकार में विजय कुमार सिन्हा को बीजेपी कोटे से डिप्टी सीएम बनाया गया था। उस समय बीजेपी के दो उपमुख्यमंत्री थे। लेकिन बाद में सत्ता संतुलन और सहयोगी दलों के बीच नए राजनीतिक समीकरण बनने के बाद दोनों डिप्टी सीएम पद जेडीयू के खाते में चले गए। इसके बाद विजय सिन्हा को कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई।
राजनीतिक गलियारों में अक्सर यह चर्चा होती रही है कि विजय सिन्हा का राजनीतिक कद और अनुभव बीजेपी के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। कई मौकों पर उनके बयान और हावभाव में यह संकेत भी देखने को मिला कि वह खुद को बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार मानते हैं। जब सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया था तब विजय सिन्हा ने पार्टी नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि “हम अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हैं। जो जिम्मेदारी मिलेगी, कमांडर का जो आदेश होगा, उसे हम पूरा करेंगे।” उनके इस बयान को भी अब राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है।
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‘अब सिर्फ विजय सिन्हा नहीं, विजय बिहारी हूं’ बयान का महत्व
कुछ दिनों पहले मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि विभाग बदल जाने से उनका काम और सोच नहीं बदली है। उन्होंने मंच से कहा कि “अब सिर्फ विजय सिन्हा नहीं, विजय बिहारी हूं।” उन्होंने पूरे बिहार के लोगों की चिंता करने और उनकी जमीन सुरक्षित रखने का संकल्प आज भी कायम रहने की बात कही थी। बीजेपी के भीतर विजय सिन्हा को ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जिनकी संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पकड़ है। विजय सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष से लेकर डिप्टी सीएम तक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।







