पटना आईएएस न्यूज़: बिहार सरकार ने प्रशासनिक महकमे में फैले भ्रष्टाचार पर बहुत बड़ी कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय की गुप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर, राज्य सरकार ने शनिवार को पटना में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों, योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन करोड़ों रुपये के टेंडर मैनेज करने वाले मुख्य आरोपी और ठेकेदार रिशु श्री के ठिकानों पर हुई छापेमारी और उसकी गिरफ्तारी के बाद किया गया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी कांट्रैक्टर रिशु श्री मनचाहे टेंडर हासिल करने के लिए अफसरों को आलीशान विदेशी दौरों और महंगे उपहारों की रिश्वत देता था। इस हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट का पर्दाफाश होने के बाद मुख्य सचिव कार्यालय के आदेश पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
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पटना आईएएस न्यूज़: टेंडर घोटाले में चौंकाने वाला खुलासा
इस पूरे मामले में 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर का नाम आने से हर कोई हैरान है। वह वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में तैनात थे। उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले योगेश का बचपन भीषण गरीबी में बीता था। उनके पिता एक्साइज विभाग में कांस्टेबल थे और उनके निधन के बाद दो हजार रुपये की नौकरी करने वाले बड़े भाई ने पूरे परिवार को पाला था। योगेश ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में उनके घर सिर्फ एक वक्त खाना बनता था और वे अक्सर चटनी के साथ आधी रोटी खाकर स्कूल जाते थे। कड़ी मेहनत की बदौलत उन्होंने साल 2012 में लखनऊ के केजीएमयू से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और फिर सिविल सर्विसेज में आए। पहले प्रयास में आईआरएस बनने के बाद दूसरे प्रयास में वे आईएएस बने। अररिया के फारबिसगंज में एसडीएम के रूप में उनका करियर शुरू हुआ और वे भागलपुर के नगर आयुक्त तथा बुडको के एमडी जैसे रसूखदार पदों पर रहे।
ईडी की जांच रिपोर्ट कहती है कि आईएएस बनने के बाद योगेश कुमार सागर ने अपने जीवन के इस संघर्ष को भुला दिया। ठेकेदार रिशु श्री ने योगेश कुमार सागर और उनके आठ रिश्तेदारों को पिछले दिनों यूरोप की महंगी सैर कराई थी। यह पूरा परिवार ऑस्ट्रिया के वियाना, साल्जबर्ग और वॉल्फगैंग शहरों के सबसे महंगे और आलीशान होटलों में रुका था। इस हवाई यात्रा और ठहरने पर कुल 21.92 लाख रुपये का खर्च आया था जिसका पूरा भुगतान रिशु श्री ने अपनी कंपनियों के जरिए किया था।
निलंबित होने वाली दूसरी अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा हैं जो 2014 बैच की आईएएस हैं। वह वर्तमान में ग्रामीण विकास विभाग के तहत जीविका की सीईओ के पद पर कार्यरत थीं। पश्चिम बंगाल से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग करने वाली अभिलाषा ने अपने करियर की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्रालय से की थी। वह सीतामढ़ी की जिलाधिकारी और वित्त विभाग में संयुक्त सचिव जैसे बेहद अहम पदों पर रह चुकी हैं। ईडी की तफ्तीश में सामने आया है कि अभिलाषा शर्मा के सरकारी आवास की छत पर एक बेहद खूबसूरत रूफटॉप गार्डन तैयार कराया गया था। इस बगीचे को बनाने में आए करीब 9 लाख रुपये का पूरा खर्च ठेकेदार रिशु श्री ने उठाया था। इसके अलावा कांट्रैक्टर ने मैडम के करीबियों और रिश्तेदारों को गोवा, दिल्ली और हैदराबाद के टूर कराए थे। यात्रा के दौरान महंगे होटलों के बिल चुकाने के साथ-साथ रिशु ने आईएएस अधिकारी को लेटेस्ट आईफोन और कई अन्य कीमती गैजेट्स भी गिफ्ट किए थे।
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रिशु श्री का रसूख: कैसे मैनेज होती थी पोस्टिंग?
प्रवर्तन निदेशालय के हाथ लगे दस्तावेजों से साफ हुआ है कि गिरफ्तार ठेकेदार रिशु श्री का रसूख बिहार के प्रशासनिक गलियारों में किस कदर फैला हुआ था। वह अलग-अलग मलाईदार विभागों में अपनी पसंद के सचिवों और नगर आयुक्तों की पोस्टिंग तक मैनेज करवा लेता था ताकि उसके करोड़ों रुपये के टेंडर बिना किसी अड़चन के पास हो सकें।
जांच एजेंसी अब उन सभी फाइलों को खंगाल रही है जो योगेश कुमार सागर के बुडको एमडी रहने के दौरान और अभिलाषा शर्मा के विभिन्न पदों पर रहने के दौरान पास की गई थीं। सरकार के इस कड़े फैसले से बिहार की नौकरशाही में हड़कंप मचा हुआ है और कुछ अन्य बड़े अधिकारियों पर भी आने वाले दिनों में गाज गिर सकती है।
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