Bhagalpur Fire News: भागलपुर जिले के मुरहन गांव में एक बड़ी घटना सामने आई है। शॉर्ट सर्किट के कारण जिओ टावर में भीषण आग लग गई। इस आग ने न सिर्फ टावर के महत्वपूर्ण उपकरणों को जलाकर राख कर दिया, बल्कि आसपास के 10 गांवों में नेटवर्क सेवाओं को भी ठप कर दिया। स्थानीय लोग अब कॉल और इंटरनेट के लिए परेशान हैं।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।बताया जा रहा है कि आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट था। इस भीषण अग्निकांड में टावर में लगे कई तकनीकी उपकरण जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण आग पर पूरी तरह काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
Bhagalpur Fire News: आग लगने से हड़कंप, नेटवर्क सेवा हुई ठप
जिले के गोराडीह प्रखंड अंतर्गत मुरहन गांव में शनिवार को अचानक जिओ टावर में आग लग जाने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने टावर परिसर से धुआं उठता देखा और देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई।
जिओ टावर आग: डायल 112 पुलिस को
आग लगने के तुरंत बाद, आसपास के लगभग 10 गांवों – मुरहान सहित – में जिओ नेटवर्क सेवा पूरी तरह से प्रभावित हो गई। हजारों उपभोक्ताओं को कॉलिंग और डाटा सेवाओं में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नेटवर्क ठप होने से दैनिक जीवन के कई काम रुक गए, जिससे लोगों में काफी आक्रोश देखा गया। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा।
जिओ टावर आग: कंपनी की लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना के बाद जिओ कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासी रवि राज ने बताया कि आग लगने के काफी देर बाद तक जिओ कंपनी का कोई भी अधिकारी या प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई होती, तो शायद नुकसान को कम किया जा सकता था। टावर के पास लगी दो महत्वपूर्ण मशीनें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जिससे करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान है।
फिलहाल, नुकसान का सही आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन जिस तरह से उपकरण जले हैं, उससे यह स्पष्ट है कि नेटवर्क सेवा को बहाल करने में समय लगेगा। पुलिस और स्थानीय लोग आग पर पूरी तरह से काबू पाने और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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इस पूरी घटना से स्पष्ट है कि टावर की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर कंपनियों को और गंभीर होने की जरूरत है ताकि ऐसी अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके और उपभोक्ताओं को असुविधा न हो।







