Bihar Panchayat News: बिहार में पंचायत आम चुनाव को लेकर नई मल्टी पोस्ट एस-3 ईवीएम की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस देरी का मुख्य कारण ईरान और अमेरिका के बीच जारी भू-राजनीतिक संघर्ष बताया जा रहा है, जिसका सीधा असर चुनाव की तैयारियों पर पड़ा है। यह स्थिति राज्य में पंचायत चुनाव के तय कार्यक्रम को लेकर असमंजस पैदा कर रही है।
नई मल्टी पोस्ट ईवीएम एस-3 का निर्माण हैदराबाद की प्रतिष्ठित कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) कर रही है। इन अत्याधुनिक ईवीएम में लगने वाले कई महत्वपूर्ण चिप्स के लिए कच्चा माल विदेशों से आयात किया जाता है। वैश्विक तनाव के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई, जिससे ईसीआईएल को ईवीएम तैयार करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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Bihar Panchayat News: EVM की आपूर्ति में एक माह की देरी
बिहार निर्वाचन आयोग को ईसीआईएल से ईवीएम की आपूर्ति अप्रैल में ही मिल जानी थी, लेकिन युद्ध के कारण उत्पन्न बाधाओं के चलते इसकी आपूर्ति मई में शुरू हो पाई है। इस प्रकार, ईवीएम की आपूर्ति में करीब एक माह की देरी हो चुकी है, जिसका सीधा असर चुनाव प्रक्रिया पर दिख रहा है।
आयोग के सूत्रों के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में अब तक नई ईवीएम की पूरी आपूर्ति नहीं की गई है। मौजूदा स्थिति में सिर्फ पटना जिले में ही 3600 ईवीएम सेट पहुंचाए गए हैं। इन नई ईवीएम का इस्तेमाल पहली बार नगर निकाय के आम एवं उपचुनाव के साथ-साथ आगामी पंचायत चुनाव में किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम पर सीधा असर
नई ईवीएम की आपूर्ति में देरी से पंचायत चुनाव को लेकर मतदानकर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी देरी होना तय है। आयोग के अनुसार, अभी तक नई ईवीएम को लेकर केवल नगर निकाय चुनाव के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। ये मास्टर ट्रेनर संबंधित जिलों में जाकर मतदानकर्मियों को इन ईवीएम के संचालन का प्रशिक्षण देंगे।
पंचायत चुनाव के लिए सभी जिलों में ईवीएम की आपूर्ति सुनिश्चित होने के बाद ही राज्य एवं जिला स्तर पर विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा सकेगा। इस देरी के कारण विभिन्न चरणों में चुनाव कार्यक्रम तय करने में भी आयोग को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिलेवार होगी सीधी आपूर्ति, जून तक पहुंचने की उम्मीद
जानकारी के अनुसार, ईसीआईएल से सीधे हर जिले में नई ईवीएम की आपूर्ति की जाएगी। उम्मीद है कि जून के मध्य तक सभी जिलों में ईवीएम पहुंच जाएंगी। आयोग के निर्देश पर प्रत्येक जिले में ईवीएम के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की गई है। जिन जिलों में अभी तक ईवीएम नहीं पहुंची हैं, वहां के जिलाधिकारियों ने ईवीएम के भंडारण स्थल (वेयरहाउस) का निरीक्षण भी कर लिया है। चूंकि ये ईवीएम बिल्कुल नई हैं, इसलिए पंचायत चुनाव के पूर्व इनकी प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) की आवश्यकता नहीं होगी। इन्हें सीधे चुनाव में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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आयोग के अनुसार, पंचायत चुनाव को लेकर राज्य में कुल 36,200 कंट्रोल यूनिट (सीयू) सहित 2,17,200 मशीनों की आपूर्ति होनी है। सूत्रों ने बताया कि नगर निकाय के आम एवं उपचुनाव में एक कंट्रोल यूनिट के साथ तीन बैलेट यूनिट (बीयू) का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, पंचायत चुनाव में कुल छह पदों के लिए मतदान होने के कारण एक सीयू के साथ छह बीयू का इस्तेमाल होगा।
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