Darbhanga Engineering News: दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में 3D प्रिंटिंग और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर खुला है। हाल ही में ‘Beginning a Career in Additive Manufacturing and Becoming Industry Ready’ विषय पर एक समर इंटर्नशिप इंडक्शन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य बिहार के विभिन्न इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों से आए विद्यार्थियों को भविष्य की औद्योगिक जरूरतों और उभरती विनिर्माण तकनीकों के लिए तैयार करना है।
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3D प्रिंटिंग इंटर्नशिप: भविष्य के अवसर और विशेषज्ञ मार्गदर्शन
दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज (DCE) स्थित स्पेशलाइज्ड सेंटर ऑन 3D प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग द्वारा C-DAC लैब 109 में आयोजित इस कार्यक्रम को प्राचार्य प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार के संरक्षण में तथा श्री प्रफुल्ल चंद्र, सहायक प्राध्यापक एवं फैकल्टी-इन-चार्ज, C-DAC लैब के संयोजन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। राजकीय पॉलिटेक्निक, दरभंगा के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के श्री सुधीर कुमार एवं सुश्री सीमा कुमारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग एवं 3D प्रिंटिंग तकनीक के वर्तमान एवं भविष्य के औद्योगिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर C-DAC के चीफ इन्वेस्टिगेटर श्री आसित कुमार सिंह ने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग एवं उन्नत विनिर्माण तकनीकों के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया। उन्होंने नवाचार, कौशल विकास एवं निरंतर सीखने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों में दक्षता प्राप्त कर वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट करियर बना सकते हैं।
Darbhanga Engineering News: DCE का बड़ा कदम, छात्रों को उद्योग-तैयार बनाने की पहल
अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार ने बताया कि दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में स्थापित 3D प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विद्यार्थियों को आधुनिक विनिर्माण तकनीकों एवं उद्योगोन्मुख कौशलों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने छात्रों को प्रशिक्षण के प्रत्येक अवसर का पूर्ण लाभ उठाने, निरंतर अभ्यास करने तथा स्वयं को उद्योग-तैयार बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भविष्य की प्रमुख तकनीकों में से एक है, जो विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं नवाचार के नए अवसर प्रदान करेगी।
इंटर्नशिप इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों को 3D प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग का विस्तृत परिचय, CAD सॉफ्टवेयर डेमोंस्ट्रेशन, C-DAC लैब ओरिएंटेशन, इंटर्नशिप रोडमैप तथा प्रमाणन दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध अत्याधुनिक मशीनों, सॉफ्टवेयरों एवं प्रायोगिक गतिविधियों से भी अवगत कराया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज, MIT मुजफ्फरपुर तथा बिहार के विभिन्न इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्र-छात्राएँ भाग ले रहे हैं।
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यह पहल विद्यार्थियों को आधुनिक विनिर्माण तकनीकों में व्यावहारिक दक्षता प्रदान कर उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ और प्रतिभागियों को आगामी प्रशिक्षण सत्रों के लिए शुभकामनाएँ दी गईं, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जा सके।






