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Bihar Politics: पटना में सरकारी बंगलों के आवंटन पर RJD ने सम्राट चौधरी से पूछे 22 तीखे सवाल! जानिए

राष्ट्रीय जनता दल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पटना में सरकारी आवासों के आवंटन को लेकर 22 गंभीर सवाल पूछे हैं। नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए, RJD ने कई बंगलों की पात्रता और उपयोग पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिससे बिहार की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

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Patna Government Housing News: बिहार की सियासत में सरकारी आवासों के आवंटन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनसे 22 तीखे सवाल पूछे हैं। पार्टी का दावा है कि पटना में विभिन्न सरकारी बंगलों के आवंटन में नियमों की अनदेखी की गई है और इस पूरे मामले पर सरकार को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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आरजेडी ने एक बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इन सभी सवालों का सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए। विपक्ष ने विशेष रूप से 1 अणे मार्ग, 5 देशरत्न मार्ग, टेलर रोड और हार्डिंग रोड जैसे प्रमुख सरकारी आवासों के आवंटन को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।

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सरकारी आवासों के आवंटन पर RJD का हमला

आरजेडी ने सवाल उठाया है कि उपमुख्यमंत्री के लिए निर्धारित 5 देशरत्न मार्ग आवास को किस नियम के तहत 1 अणे मार्ग परिसर में शामिल किया गया। पार्टी ने याद दिलाया कि वर्ष 2019 में बिहार सरकार ने पटना उच्च न्यायालय में एक लिखित हलफनामा दिया था। इस हलफनामे में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि यह आवास केवल उपमुख्यमंत्री के लिए ही निर्धारित है।

विपक्ष ने यह भी पूछा है कि मुख्यमंत्री आवास का नाम बदलकर “लोक सेवक आवास” क्यों किया गया। क्या इस कदम के पीछे का उद्देश्य आसपास के अन्य बंगलों को भी मुख्यमंत्री आवास परिसर का हिस्सा बनाना था? इन बदलावों से आवंटन प्रक्रिया पर क्या असर पड़ा है, इस पर सरकार को जवाब देना होगा।

कई नेताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों के आवास पर सवाल

आरजेडी ने भाजपा नेता नितिन नबीन, सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, सांसद संजय झा, उपेंद्र कुशवाहा और पूर्व मंत्री राजू सिंह जैसे कई प्रमुख व्यक्तियों को आवंटित सरकारी आवासों की वैधता पर सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा, पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार मंटू, विधायक करणजीत सिंह, मनोरमा देवी और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक कुमार को मिले आवासों की पात्रता भी सवालों के घेरे में है।

पार्टी का आरोप है कि कुछ ऐसे लोगों के पास भी सरकारी आवास हैं, जो वर्तमान में उन पदों पर नहीं हैं, जिनके आधार पर उन्हें ये आवास आवंटित किए गए थे। यह स्थिति बिहार Politics News के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन गई है।

आरजेडी ने यह भी पूछा है कि क्या कई सांसदों को पटना और दिल्ली दोनों जगहों पर सरकारी आवास उपलब्ध कराए गए हैं। यदि ऐसा है, तो यह किस नियम या प्रावधान के तहत किया गया है, इस पर भी सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। यह दोहरा आवंटन सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का संकेत दे सकता है।

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Patna Government Housing News: पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास और अन्य मामले

पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी को आवंटित सरकारी आवासों का मुद्दा भी उठाया है। आरजेडी का तर्क है कि यदि माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला आवंटित नहीं किया जा सकता, तो इन दोनों नेताओं को किस आधार पर आवास उपलब्ध कराया गया है। यह न्यायिक निर्णयों की अवहेलना का मामला हो सकता है।

इसके साथ ही, आरजेडी ने यह भी कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री होने के आधार पर आवास आवंटन का कोई प्रावधान है, तो फिर लालू प्रसाद यादव को उसी आधार पर आवास क्यों नहीं दिया जाना चाहिए। पार्टी ने बताया कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दोनों ही पूर्व मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उनके पास वर्तमान में केवल एक ही आवास उपलब्ध है, जबकि नियमों में समानता होनी चाहिए।

विपक्ष ने विभिन्न आयोगों के सदस्यों को आवंटित किए गए बड़े सरकारी आवासों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की आईटी सेल और उसके संचालन के लिए सरकारी आवास के उपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरजेडी ने मंत्री नंदकिशोर राम को कम समय के भीतर दो अलग-अलग सरकारी आवास आवंटित किए जाने के मामले पर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है, जो नियमों के कथित उल्लंघन को दर्शाता है।

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राष्ट्रीय जनता दल ने कुल 22 बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए सरकार से सरकारी आवासों के आवंटन, पात्रता मानदंड और संबंधित नियमों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि सभी आवंटन नियमों के अनुसार हुए हैं, तो सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट जारी कर इस पूरे विवाद को समाप्त करना चाहिए।

हालांकि, इन गंभीर आरोपों और सवालों पर सरकार या मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यहां देखिए पूरी लिस्ट:

( सोर्स – राजद ट्विटर(X) से )

मुख्यमंत्री बनने के बाद नौसिखिए सम्राट चौधरी ने अगल-बगल के बंगले मिला लिए जिससे सम्राट चौधरी का बंगला अब प्रधानमंत्री से भी बड़ा बंगला है।

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सम्राट चौधरी से हमारे कुछ सवाल है वो स्वयं इसका जवाब दें कि:-

1. सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के लिए कर्णांकित 5, देशरत्न मार्ग को 1 अणे मार्ग में क्यों मिलाया? 2019 में पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार ने लिखित में बताया था कि यह बंगला उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित है। अब किस नियम के तहत सम्राट चौधरी ने इस आवास को 1 अणे मार्ग में मिलाया?

2. क्या सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास का नाम बदल कर “लोक सेवक आवास” इसलिए किया ताकि अगल-बगल के अनेक बंगलों को इसमें मिलाकर सैकड़ों कट्टा जमीन पर जनता के पैसे से विलासिता से परिपूर्ण जीवन जी सके?

3. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से 3, टेलर रोड क्यों नहीं छुड़वाया? क्या यह सच नहीं है कि इस आवास को अभी कुछ दिन पूर्व ही किसान आयोग के अध्यक्ष के नाम से आवंटित किया है लेकिन आवास नितिन नबीन के ही कब्जे में है? किसान आयोग के अध्यक्ष को इतना बड़ा बंगला दिया गया है तो उसमें आवासीय क्यों नहीं है?

4. तरैया के विधायक जनक सिंह को मंत्री का आवास 28/10 हार्डिंग रोड क्यों दिया गया है?

5. पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू को किस हैसियत से 23/10 आवंटित किया गया है? उसका आवास खाली क्यों नहीं कराया गया?

6. सांसद देवेश चंद्र ठाकुर को 1, टेलर रोड बंगला किस हैसियत से आवंटित किया गया है? MLC पद छोड़े हुए उन्हें दो साल से अधिक का समय हो चुका है लेकिन सम्राट चौधरी डर के मारे उनसे खाली नहीं करा सकता?

7. पूर्व मंत्री राजू सिंह को 11/13, मैंगल्स रोड, किस हैसियत से आवंटित किया गया है?

8. करणजीत सिंह विधायक को हार्डिंग रोड आवास किस हैसियत से आवंटित किया गया है?

9. मनोरमा देवी को 20/बी, हार्डिंग रोड किस हैसियत से आवंटित किया गया है?

10. पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार मंटू को 17, हार्डिंग रोड किस हैसियत से आवंटित किया गया है?

11. दीपक कुमार (रिटायर्ड आई.ए.एस. ऑफिसर) को किस हैसियत से 3, पोलो रोड जैसा बड़ा बंगला आवंटित किया गया है?

12. सांसद संजय झा किस हैसियत से एम. स्टैंड रोड के सरकारी आवास में रहते हैं?

13. क्या सांसद उपेन्द्र कुशवाहा 24 एम स्ट्रैंड रोड में 2023 से ही अनाधिकृत रूप से नहीं रह रहे हैं? क्या कभी उन्हें आवास खाली करने के लिए नोटिस दिया गया? उपेन्द्र कुशवाहा की पत्नी और बेटे के नाम से दो अलग आवास और आवंटित है। उपेंद्र कुशवाहा परिवार को तीन आवास क्यों आवंटित किए गए हैं?

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14. क्या सभी विधायक जो केंद्रीय पूल के बंगलों में अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं उन्हें MLA फ्लैट में भी अलग से आवास आवंटित नहीं किया गया हैं?

15. आयोगों के कितने सदस्यों को विपक्षी विधायकों से बड़े आवास दिए गए है इसकी सूची भी सार्वजनिक करे।

16. जेडीयू की IT cell और उसके मुखिया किस हैसियत से सरकारी आवास से कार्यालय चला रहे है? वो आवास किसके नाम आवंटित है?

17. मंत्री नंदकिशोर राम को इसी सरकार ने 11 मई को 21 हार्डिंग रोड, आवास आवंटित किया था, फिर उसी मंत्री को दुबारा 27 मई को 10 सर्कुलर आवास आवंटित क्यों किया गया? क्या इस विवाद में डालने के लिए एक दलित मंत्री की आड़ ली जा रही है?

18. जीतनराम मांझी और नीतीश कुमार दोनों पूर्व मुख्यमंत्री हैं। दोनों के नाम से बंगला आवंटित है, जबकि दोनों सांसद भी हैं। कोर्ट का आदेश है कि पूर्व मुख्यमंत्री को बंगला आवंटित नहीं किया जा सकता तो फिर अब नीतीश कुमार और जीतनराम मांझी के बिहार विधानमंडल का सदस्य नहीं रहने के बावजूद पटना में बंगला आवंटित क्यों किया गया है?

19. सम्राट चौधरी को अब यह बताना चाहिए कि इन दोनों को किस हैसियत से पटना में भी और दिल्ली में भी बंगला आवंटित है? यदि दोनों को पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में बंगला आवंटित है तो लालू जी को पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में बंगला क्यों नहीं मिलना चाहिए? सर्वविदित है कि लालू जी और राबड़ी जी दोनों पूर्व मुख्यमंत्री है लेकिन आवास एक ही आवंटित है।

20. अगर सरकार आदरणीया राबड़ी देवी जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में नया बंगला आवंटित करती है तो भी श्री लालू यादव पूर्व मुख्यमंत्री के नाते आवास के अधिकारी हैं ही। सम्राट चौधरी अपनी सहूलियत अनुसार नियम नहीं बना सकते।

21. अगर मंत्री संतोष सुमन और उनकी विधायक पत्नी दीपा कुमारी को अलग-अलग बंगला आवंटित है तो लालू जी और राबड़ी देवी जी को अलग-अलग दो बंगले आवंटित क्यों नहीं हो सकते हैं?

22. पटना में पांच सांसदों को किस नियमित के तहत बंगले आवंटित किये गये हैं जबकि पांचो सांसदों को दिल्ली में भी बड़े बंगले मिले हुए है।क्या पांचों सांसद अवैध कब्जा करके सरकारी आवास में रह रहे है

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