Patna Electricity News: राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिसके कारण बिजली की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। ऐसे में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना ऊर्जा विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने राज्य में बिजली की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कई कड़े निर्देश दिए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए ऊर्जा विभाग का बड़ा फैसला
ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने बुधवार को राज्य में बिजली आपूर्ति की मौजूदा स्थिति और ट्रिपिंग की लगातार घटनाओं को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने फील्ड अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश दिए। सचिव यादव ने स्पष्ट किया कि विद्युत आपूर्ति से संबंधित सभी कार्यों का निष्पादन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक के दौरान ऊर्जा सचिव ने विशेष रूप से बिजली बाधाओं या ट्रिपिंग की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने पर जोर दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बिजली बाधित होने पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए और समस्या का समाधान किया जा सके। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निपटान और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। ये निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब राज्य के कई हिस्सों से बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
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ट्रिपिंग रोकने और उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी
अजय यादव ने बिहार में बिजली वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (DTs), विद्युत पोल, बिजली लाइनों और अन्य विद्युत अवसंरचनाओं के नियमित निरीक्षण तथा समयबद्ध रखरखाव पर विशेष जोर दिया। उनका मानना था कि इन बुनियादी ढांचों का सही ढंग से रखरखाव न होने के कारण अक्सर बिजली आपूर्ति में बाधाएं आती हैं। इस कदम से न केवल ट्रिपिंग की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि बिजली की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और उपभोक्ताओं को स्थिर आपूर्ति मिल सकेगी।
फील्ड स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निष्पादन के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। सचिव ने कहा कि शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हों। इस पहल से उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव मिलेगा और वे बिजली विभाग पर अधिक भरोसा कर सकेंगे। यह Bihar Power Supply की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गर्मी में निर्बाध बिजली के लिए संसाधनों की उपलब्धता
ऊर्जा सचिव अजय यादव ने मौजूदा भीषण गर्मी के मौसम में बढ़ती विद्युत मांग को गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अवधि में सभी आवश्यक संसाधनों और पर्याप्त मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गर्मी के दिनों में एयर कंडीशनर, कूलर और पंखे जैसे उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की खपत कई गुना बढ़ जाती है, जिससे ग्रिड पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में अतिरिक्त कर्मचारियों और संसाधनों की तैनाती निर्बाध आपूर्ति के लिए आवश्यक है।
बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन अधिकारियों को सचिव के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। ऊर्जा विभाग का यह प्रयास राज्य के नागरिकों को भीषण गर्मी के दौर में बिजली संकट से राहत दिलाने और उन्हें आरामदायक जीवन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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निष्कर्ष में, ऊर्जा विभाग द्वारा की गई यह समीक्षा बैठक और जारी किए गए निर्देश बिहार में बिजली आपूर्ति की स्थिति को सुधारने के लिए एक सकारात्मक पहल है। यदि इन निर्देशों का सही ढंग से पालन किया जाता है, तो यह उम्मीद की जा सकती है कि राज्य के उपभोक्ताओं को आने वाले समय में निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिल सकेगी, खासकर इस चिलचिलाती गर्मी में यह एक बड़ी राहत साबित होगी।







