Muzaffarpur Hospital News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह एक भयानक अग्निकांड ने पूरे शहर को दहला दिया। अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड से आग की लपटें अचानक उठने लगीं और देखते ही देखते पूरे अस्पताल में घना धुआं भर गया। इस दर्दनाक घटना से मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई, जिससे वहां चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया।
आग लगने की इस घटना में अब तक पांच लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को तुरंत पास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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अस्पताल में मची चीख-पुकार और भगदड़
गुरुवार की सुबह जब आग आईसीयू वार्ड में फैली, तब वहां भर्ती मरीज और उनके परिजन मौत के खौफ से कांप उठे। धुएं के गुबार से सांस लेना मुश्किल हो गया था और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ रहा था। अस्पताल प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर बचाव अभियान शुरू किया, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका, लेकिन कुछ लोग इस भीषण आग की चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर जहां आईसीयू स्थित था, वहां से आग की लपटें उठते देख नीचे के वार्डों में भी मरीजों और स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया। दमकल की गाड़ियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि धुएं के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही थी। कई मरीजों को खिड़कियों के रास्ते भी बाहर निकाला गया।
सीएम सम्राट चौधरी ने व्यक्त किया दुख, मुआवजे का ऐलान
इस हृदय विदारक घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से हुई मौतों की खबर अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आश्रितों को तुरंत 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और घायलों के समुचित उपचार के लिए सदर अस्पतालों में उचित व्यवस्थाएं की गई हैं। यह Bihar Hospital Fire एक दुखद उदाहरण है कि अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा उपायों का कितना महत्व है।
चश्मदीदों के दावों से मचा हड़कंप, 25 मौतें?
आधिकारिक तौर पर पांच मौतों की पुष्टि हुई है, लेकिन इस घटना को लेकर चश्मदीदों के दावे चौंकाने वाले हैं। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि इस अग्निकांड में कम से कम 25 लोगों की जान गई है, जिससे प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं। इन दावों के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग घटना की गहन जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए देशज टाइम्स किसी भी तरह से इसकी पुष्टि नहीं करता है।
यह भी कहा जा रहा है कि अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण नहीं थे और आपातकालीन निकास मार्गों का भी उचित प्रबंध नहीं था। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
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इस घटना ने एक बार फिर से सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है। मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो, इसके लिए सख्त नियम और उनका पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।







