Muzaffarpur Hospital Fire News: मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में एक भयानक आग लगने से कई लोगों की मौत हो गई है। इस हादसे में कई मरीज झुलस गए और घायल हो गए। हालांकि, 10 मौतों की चर्चा है, लेकिन जिला प्रशासन ने अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों की संख्या और भी बढ़ सकती है, क्योंकि बचाव कार्य अभी भी जारी है।
फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँच गए। लगभग 20 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। जिलाधिकारी (डीएम) सुब्रत कुमार सेन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भी घटनास्थल पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। अस्पताल के बाहर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
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मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण आग और लापरवाही का खुलासा
आईसीयू में चार मौतें: जिला प्रशासन ने पुष्टि की है कि मुजफ्फरपुर शहर के ब्रम्हपुरा में स्थित प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में लगी आग के कारण चार लोगों की जान चली गई है। मरने वाले सभी मरीज पिछले एक सप्ताह से आईसीयू में भर्ती थे। घटना का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
सुबह 3:20 बजे हादसा: यह हृदय विदारक घटना सुबह लगभग 3:20 बजे हुई, जब आईसीयू में 15 से अधिक मरीज भर्ती थे। फायर फाइटिंग टीम के अनुसार, आईसीयू में उस समय लगभग 25 मरीज मौजूद थे। घायलों को तुरंत पास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
परिजनों का आरोप: एक मरीज के परिजन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आग लगने के समय आईसीयू में कोई अटेंडेंट मौजूद नहीं था। मरीजों के परिजन खुद ही अपने प्रियजनों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आग बुझाने के लिए अस्पताल का कोई भी कर्मचारी दिखाई नहीं दिया। पूरे आईसीयू में घना धुआं भर गया था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को सांस लेने में दिक्कत हुई।
अस्पतालकर्मियों पर गंभीर सवाल: इस दौरान मरीज और उनके परिजन दर्द से छटपटा रहे थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। अस्पताल के अन्य तलों पर मौजूद लोग भी अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे, और तो और, कई अस्पतालकर्मी भी भागकर बाहर निकल गए। कुछ परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि कई शवों को घटना के बाद इधर-उधर कर दिया गया है।
93 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की सूझबूझ से बची कई अन्य मासूमों की जान
इस खौफनाक मंजर के बीच आईसीयू में ही भर्ती 93 साल की बुजुर्ग महिला मरीज राधा देवी ने अद्भुत सूझबूझ का परिचय दिया। राधा देवी ने बताया कि वह बेड पर लेटी हुई थीं, तभी अचानक वार्ड के भीतर दम घोंटने वाला धुआं भरने लगा। उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत अपने चेहरे से ऑक्सीजन मास्क हटाया और किसी तरह हिम्मत जुटाकर वार्ड से बाहर निकल आईं। बाहर आते ही उन्होंने वहां तैनात सुरक्षा गार्ड को अंदर आग लगने की जानकारी दी। अगर राधा देवी समय पर अलार्म न बजातीं, तो शायद इस हादसे में हताहत होने वालों की संख्या कहीं ज्यादा बड़ी हो सकती थी।
मुजफ्फरपुर अग्निकांड: सवालों के घेरे में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: इस Muzaffarpur Fire Accident News ने अस्पताल की अग्नि सुरक्षा प्रणाली की पोल खोल दी है। आग लगने के बाद अस्पताल का फायर हाइड्रेंट सिस्टम काम ही नहीं कर पाया। वहां कुछ फायर एक्सटिंग्विशर तो थे, लेकिन उन्हें चलाने वाला कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
अराजकता का माहौल: इस घटना से अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया। ऐसी आशंका है कि मृतकों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन अब अन्य तलों पर भर्ती मरीजों के लिए उपचार की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है।
डीएम का बयान: घटनास्थल पर पहुंचे मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित आईसीयू में लगभग 15 मरीज भर्ती थे। घायलों को तुरंत आसपास के दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है।
कड़ी कार्रवाई का आश्वासन: डीएम ने जोर देकर कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
एसएसपी की कार्रवाई: एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस मरीजों के परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी इस मामले की तकनीकी जांच में शामिल की गई है।
पोस्टमार्टम और जांच: उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ आगे की कार्रवाई करेगी।
विस्फोट और आग: जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग तीन बजे अस्पताल के आईसीयू में एक धमाके की तेज आवाज सुनी गई, जिसके बाद वेंटिलेटर उपकरणों में आग लग गई। इस घटना से अस्पताल में भगदड़ मच गई और मरीज दहशत में इधर-उधर भागने लगे। फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
अस्पताल सील और जांच: मृतकों के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा भी किया। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। पूरे अस्पताल परिसर को सील कर दिया गया है। आग इतनी भीषण थी कि सुबह 7 बजे तक भी घटनास्थल से धुएं की दुर्गंध आ रही थी, हालांकि अब आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







