Danapur Chain Pulling News: बिहार के दानापुर रेल मंडल में इन दिनों अवैध चेन पुलिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिसने रेलवे प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। मई महीने में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान अकेले दानापुर मंडल से 602 यात्रियों को चेन पुलिंग के आरोप में हिरासत में लिया गया है। यह आंकड़ा इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही और यात्रियों की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है।
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पूर्व मध्य रेल का विशेष अभियान और बड़ी कार्रवाई
पूर्व मध्य रेल के विभिन्न रेल खंडों पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मई माह में एक व्यापक अभियान चलाया था। इस विशेष कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अवैध चेन पुलिंग और महिला कोच में यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों पर लगाम लगाना था, जो रेलवे नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत कड़ी निगरानी रखी गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई।
इस एक महीने के अभियान के दौरान, आरपीएफ ने कुल 4,236 लोगों को हिरासत में लिया। इन सभी व्यक्तियों से जुर्माने के तौर पर 13.81 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूल की गई। यह आंकड़ा रेलवे द्वारा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा मुहैया कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रेलवे प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा और नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
आरपीएफ के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चेन पुलिंग जैसी हरकतें न केवल यात्रियों के लिए जोखिम पैदा करती हैं, बल्कि ट्रेनों के संचालन में भी अनावश्यक देरी का कारण बनती हैं। इसके अलावा, महिला कोच में पुरुषों का प्रवेश महिलाओं की सुरक्षा और निजता का उल्लंघन करता है। इन दोनों ही मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें जुर्माना और कारावास दोनों शामिल हैं।
दानापुर मंडल में चेन पुलिंग के सर्वाधिक मामले क्यों?
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि पूर्व मध्य रेल के सभी मंडलों में से दानापुर मंडल में अवैध चेन पुलिंग के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए हैं। मई महीने में हिरासत में लिए गए कुल 602 यात्री सिर्फ दानापुर मंडल से थे, जो इस क्षेत्र में समस्या की गंभीरता को उजागर करता है। यह संख्या अन्य मंडलों की तुलना में काफी अधिक है और रेलवे के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दानापुर मंडल में उच्च यात्री घनत्व, उपनगरीय ट्रेनों की अधिक आवाजाही और कई महत्वपूर्ण स्टेशनों का संगम होने के कारण चेन पुलिंग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार यात्री जल्दीबाजी में या बेवजह ट्रेन रोकने के लिए चेन खींच देते हैं, जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी होती है। कुछ मामलों में आपात स्थिति के बजाय छोटी-मोटी असुविधाओं के लिए भी इसका दुरुपयोग किया जाता है।
दानापुर मंडल में इन लगातार हो रही घटनाओं से ट्रेनों की समय सारिणी पर बुरा असर पड़ रहा है। यात्रियों को अपनी गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है और कई बार महत्वपूर्ण ट्रेनें भी प्रभावित हो जाती हैं। रेलवे प्रशासन इस स्थिति पर गंभीरता से विचार कर रहा है और इसे नियंत्रित करने के लिए नए उपाय तलाश रहा है।
ट्रेनों की आवाजाही पर गंभीर असर और यात्रियों की सुरक्षा
अवैध चेन पुलिंग की वजह से न केवल ट्रेनों की समयबद्धता पर असर पड़ता है, बल्कि इससे पूरे रेलवे नेटवर्क पर एक ‘डोमिनो इफेक्ट’ देखने को मिलता है। एक ट्रेन के रुकने से पीछे आने वाली कई ट्रेनें प्रभावित होती हैं, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा होती है। यह स्थिति खास तौर पर व्यस्त समय में गंभीर रूप ले लेती है और यात्रियों को अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता है।
चेन पुलिंग से यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराता है। चलती ट्रेन के अचानक रुकने से अंदर बैठे यात्रियों को चोट लग सकती है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को। इसके अलावा, अनियोजित स्टॉपेज पर उतरना या चढ़ना भी खतरनाक हो सकता है। रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि वे East Central Railway News के तहत इन सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
रेलवे को इन अवैध गतिविधियों के कारण हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। बेवजह ट्रेन रोकने से ईंधन की बर्बादी होती है, स्टाफ का समय बर्बाद होता है और मरम्मत तथा रखरखाव का खर्च भी बढ़ जाता है। यह सारा बोझ अंततः रेलवे और यात्रियों पर ही पड़ता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में ही चेन पुलिंग का इस्तेमाल करें।
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रेलवे सुरक्षा बल ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। उनका लक्ष्य है कि रेलवे यात्रा को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक बनाया जाए। यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा की जाती है ताकि सभी रेलवे नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुखद बना सकें।







