Bihar Transport News: बिहार परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा और राजस्व वसूली को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। अब राज्य की सभी सरकारी बसों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चेहरा पहचान प्रणाली लगाई जाएगी। इस नई तकनीक का मुख्य उद्देश्य बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों पर लगाम लगाना और बसों में होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोकना है।
विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित होगा, बल्कि बसों के संचालन में पारदर्शिता भी आएगी। यात्रियों को अब बसों में पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय माहौल मिलेगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन के प्रति उनका भरोसा बढ़ेगा। यह पहल आधुनिक तकनीक का उपयोग कर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
परिवहन विभाग की आंतरिक समीक्षा में यह बात सामने आई थी कि बसों में यात्रियों की भीड़ होने के बावजूद राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है। अधिकारियों ने पाया कि कई जगहों पर यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके साथ ही, बसों के भीतर यात्रियों के बीच अनबन और छोटी-मोटी चोरी की घटनाएं भी बढ़ी हैं, जो यात्रियों की Public Transport Safety को लेकर चिंता का विषय बन गई थीं।
इन समस्याओं के समाधान के लिए विभाग ने गहन विचार-विमर्श किया और निष्कर्ष निकाला कि तकनीकी हस्तक्षेप ही इन चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। इसी के मद्देनजर, चेहरा पहचान तकनीक को अपनाने का निर्णय लिया गया। यह प्रणाली राजस्व घाटे को कम करने और बसों के भीतर एक अनुशासित वातावरण बनाए रखने में सहायक होगी।
कैसे काम करेगी यह AI तकनीक?
सरकारी बसों के मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक विशेष फेस डिटेक्टर उपकरण स्थापित किया जाएगा। यह उपकरण एआई तकनीक का उपयोग करके बस में चढ़ने वाले प्रत्येक यात्री के चेहरे को कैप्चर करेगा। यह प्रणाली यात्रियों की पहचान करने के साथ-साथ उनकी सटीक गिनती भी करेगी, जिससे यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि कितने यात्री बस में सवार हुए हैं।
इस तकनीक की पूरी निगरानी एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से की जाएगी। इससे बसों में हो रही गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकेगी। परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार ने बताया कि इस तकनीक से बसों में सफर करने वाले सभी यात्रियों की पहचान और गिनती करना आसान हो जाएगा। उन्होंने पुष्टि की कि जल्द ही इस तकनीक को सभी सरकारी बसों में लागू कर दिया जाएगा, जिससे व्यवस्था में सुधार आएगा।
बसों में बढ़ेगी सुरक्षा, हर हरकत पर पैनी नजर
चेहरा पहचान प्रणाली के अलावा, बसों के अंदरूनी हिस्सों में एलईडी टीवी भी लगाए जाएंगे। इन एलईडी टीवी के माध्यम से यात्री स्वयं बस के अंदर अन्य यात्रियों की गतिविधियों को लाइव देख सकेंगे। यह सुविधा बसों के भीतर होने वाली किसी भी संदिग्ध या गलत हरकत को तुरंत पकड़ने में मदद करेगी। उदाहरण के तौर पर, छोटी-मोटी चोरियां, यात्रियों को परेशान करने वाले लोग या कोई भी अप्रिय घटना तुरंत कैमरे की निगरानी में आ जाएगी।
इस पहल से यात्रियों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत होगी, क्योंकि उन्हें पता होगा कि हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। ऑनलाइन निगरानी और तत्काल प्रतिक्रिया की क्षमता बसों में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परिवहन विभाग का यह कदम यात्रियों को एक सुरक्षित, पारदर्शी और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए अब बसों में सफर करना मुश्किल होगा, जिससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।
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