Bihar NEET News: बिहार सरकार ने नीट परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। 21 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अब सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस निर्णय से हजारों परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब पिछली परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नीट परीक्षा की तैयारियों का गहनता से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने राज्य के शीर्ष अधिकारियों और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करें और हर आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करें ताकि परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
यह महत्वपूर्ण परीक्षा 21 जून को बिहार सहित पूरे देश में एक ही दिन और एक ही पाली में आयोजित की जाएगी। सरकार का यह कदम परीक्षार्थियों के हित में उठाया गया है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकें। इस संबंध में सभी संबंधित जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं, जिसमें मुफ्त यात्रा सुविधा को प्रभावी ढंग से लागू करने का विवरण है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
पिछले साल की नीट यूजी परीक्षा में सामने आए पेपर लीक और अन्य गंभीर गड़बड़ी के मामलों को देखते हुए, इस बार प्रशासन और परीक्षा एजेंसियां अत्यधिक सतर्कता बरत रही हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पहले 3 मई को आयोजित की गई नीट यूजी परीक्षा को अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था। इसके बाद छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया, जिसकी तैयारी अब अंतिम चरण में है।
देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और अन्य स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट परीक्षा एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर छात्रों को प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलता है। इसलिए इसकी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी, और परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से काफी पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बसों का संचालन भी कर सकती है। मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने के कारण 21 जून को सरकारी बसों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखने को मिल सकती है। प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए भी तैयारी कर रहा है, ताकि अन्य यात्रियों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े। इस बार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। यह कदम NEET Paper Leak जैसे मामलों को रोकने की दिशा में भी एक संदेश है।
पिछली बार क्या हुई थी गड़बड़ी और जांच की स्थिति?
पिछली नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच अभी भी जारी है, और इसके तार बिहार से भी जुड़े पाए गए थे, जिससे राज्य की छवि पर भी सवाल उठे थे। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपी गई है। सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान इस मामले के मुख्य आरोपी रॉकी उर्फ राकेश रंजन को गिरफ्तार किया था, जो इस पूरे घोटाले का एक महत्वपूर्ण सूत्रधार माना जा रहा है।
जांच में पता चला है कि रॉकी के संबंध कथित तौर पर इस नेटवर्क के पुराने मास्टरमाइंड संजीव मुखिया से जुड़े हुए थे, जो पहले भी कई परीक्षाओं में धांधली के मामलों में शामिल रहा है। इसके अलावा, झारखंड, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से भी कई संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया है, जो इस पेपर लीक गिरोह का हिस्सा थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, 3 मई को आयोजित परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई थी, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया था।
यह भी सामने आया है कि परीक्षा से पहले ही कुछ अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचा दिए गए थे, और इसके बदले लाखों रुपये का अवैध लेन-देन किया गया था। इसी वजह से इस बार की परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी कीमत पर पिछली गलतियों को दोहराया न जा सके और छात्रों को एक निष्पक्ष अवसर मिल सके। सरकार और प्रशासन दोनों ही यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि इस बार की नीट परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय हो।
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यह सुविधा न केवल छात्रों को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाएगी, बल्कि उन्हें मानसिक तनाव से भी मुक्ति दिलाएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र भी समय पर और बिना किसी परेशानी के अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकें। सरकार का यह प्रयास परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







