Darbhanga Illegal Mining News: बिहार के दरभंगा जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। खनन विभाग ने देर रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध रूप से मिट्टी का खनन कर रहे दो हाइवा ट्रक और एक ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। इस अचानक हुई छापेमारी से जिले में सक्रिय अवैध खनन गतिविधियों में शामिल माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि अवैध धंधेबाजों को बख्शा नहीं जाएगा।
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अवैध खनन पर देर रात की बड़ी कार्रवाई, माफियाओं में सनसनी
जानकारी के अनुसार, दरभंगा जिले के जमालपुर थाना और एपीएम थाना क्षेत्रों में शनिवार देर रात अवैध खनन का काम धड़ल्ले से चल रहा था। मिट्टी माफिया दिन-दहाड़े और रात के अंधेरे में नदी के तल से बड़ी मात्रा में मिट्टी और बालू निकालकर उसका अवैध परिवहन कर रहे थे। इस तरह की गतिविधियां न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रही थीं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन रही थीं। इसी दौरान जिले के खनन पदाधिकारी घनश्याम झा को अवैध खनन की पुख्ता सूचना मिली। उन्होंने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई का फैसला किया और एक विशेष टीम का गठन किया।
टीम ने सूचना के आधार पर चिह्नित स्थानों पर देर रात गोपनीय तरीके से छापेमारी की योजना बनाई। जैसे ही खनन विभाग की टीम ने जमालपुर और एपीएम थाना क्षेत्रों के इन ठिकानों पर दस्तक दी, अवैध खनन में लिप्त लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई खनन माफिया अपने वाहनों को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे, लेकिन विभाग की मुस्तैदी के चलते दो हाइवा ट्रक और एक ट्रैक्टर को पकड़ लिया गया। इन वाहनों में नदी के तल से अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी और बालू भरी हुई थी, जिसे बिना किसी वैध परमिट के कहीं और ले जाया जा रहा था।
खनन माफिया का नेटवर्क और प्रशासन की चुनौती
बिहार में अवैध खनन माफिया का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो विभिन्न जिलों में नदियों और पहाड़ों से अवैध तरीके से खनिज पदार्थों का दोहन करता है। दरभंगा में भी यह समस्या गंभीर रही है, जहां ये माफिया राजनीतिक संरक्षण और स्थानीय मिलीभगत के दम पर बेखौफ होकर अपना काम करते हैं। इन माफियाओं पर लगाम लगाना प्रशासन के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। वे अक्सर रात के अंधेरे या दूरदराज के इलाकों में अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, हालिया कार्रवाई ने यह दिखाया है कि प्रशासन इन चुनौतियों का सामना करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कटिबद्ध है। यह छापेमारी ऐसे ही एक बड़े नेटवर्क पर सीधा प्रहार है।
खनन पदाधिकारी घनश्याम झा ने मीडिया को बताया कि छापेमारी के दौरान जब्त किए गए वाहनों में बिना किसी वैध अनुमति, परमिट या खनन दस्तावेजों के नदी तल से अवैध रूप से बालू या मिट्टी भरी हुई पाई गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौके पर किसी भी वाहन चालक के पास वैध खनन परमिट नहीं था और न ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सका। यह खनिज एवं खनन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अधिनियम के तहत, बिना अनुमति खनन करना और उसका परिवहन करना एक गंभीर अपराध माना जाता है, जिसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है। इसी आधार पर खनन विभाग ने तीनों वाहनों को जब्त कर लिया है और संबंधित वाहन मालिकों तथा इसमें संलिप्त अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खनन पदाधिकारी की दो टूक चेतावनी, जारी रहेगा अभियान
खनन पदाधिकारी घनश्याम झा ने अवैध खनन में शामिल लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विभाग और जिला प्रशासन किसी भी सूरत में अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं करेगा और नियम तोड़ने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उनका यह बयान दर्शाता है कि प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करने वाला है और किसी भी कीमत पर इस धंधे को फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा।
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इस तरह की कार्रवाई से राजस्व के नुकसान को रोकने में मदद मिलती है और साथ ही नदियों तथा पर्यावरण को हो रहे विनाशकारी प्रभावों को भी कम किया जा सकता है। यह कार्रवाई बिहार में खनन माफियाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि उनके दिन अब लद चुके हैं। पुलिस और खनन विभाग संयुक्त रूप से इस मामले की आगे की जांच कर रहे हैं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और इसमें शामिल सभी दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
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