Darbhanga Crime News: दरभंगा में अपराध की एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है। यहां पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रेणु देवी पर जानलेवा हमला किया गया है। इस वारदात में उनके एक मित्र का सिर फोड़ दिया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके साथ ही, एक मौजूदा जिला परिषद सदस्य मोहम्मद सुभान का भी अपहरण कर लिया गया। यह पूरी घटना पंडा सराय रेलवे गुमटी के पास सरेआम हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले ने स्थानीय प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सरेआम हमला और अपहरण: क्या है पूरा मामला?
पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रेणु देवी ने इस संबंध में लहेरियासराय थाना में एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपने आवेदन में बताया कि वे जिला परिषद सदस्य मोहम्मद सुभान के साथ बाजार से अपने घर लौट रही थीं। पंडा सराय रेलवे गुमटी के पास अचानक कुछ लोगों ने उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी को रोक लिया। रेणु देवी के मुताबिक, हमलावरों में शंभू पासवान, शत्रुघ्न पासवान, विरासत पासवान उर्फ नानू, सीता देवी (जो सभी शंभू पासवान के परिवार के सदस्य हैं) और दुर्गेश झा शामिल थे। इन सभी ने मिलकर उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।
जब रेणु देवी के मित्र हबीबुल्लाह हाशमी ने गाड़ी से उतरकर हमलावरों को गाली देने से रोका, तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। शंभू पासवान ने अपने हाथ में पकड़ी एक लोहे की रॉड से हबीबुल्लाह हाशमी के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया। रॉड के वार से हाशमी का सिर फट गया और वह खून से लथपथ होकर वहीं अचेत होकर गिर पड़े। रेणु देवी ने जब अपने मित्र को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उनके साथ भी अभद्रता की। उन्होंने रेणु देवी को जातिसूचक गालियां दीं और उनके गले से सोने की चेन भी छीन ली। यह घटना उस समय हुई जब दिनदहाड़े लोग अपने काम पर जा रहे थे, जिससे हमलावरों की बेखौफी साफ झलकती है।
अपहृत सदस्य की सकुशल बरामदगी
हमलावर यहीं नहीं रुके। उन्होंने मोहम्मद सुभान को भी निशाना बनाया। रेणु देवी के अनुसार, छह हमलावरों ने मिलकर मोहम्मद सुभान को जबरन अपनी गाड़ी में बिठा लिया और उनका अपहरण कर मौके से फरार हो गए। इस घटना से रेणु देवी और आस-पास मौजूद लोग सदमे में आ गए। उन्होंने तत्काल इस वारदात की जानकारी बहादुरपुर थाना को दी। बहादुरपुर पुलिस ने सूचना मिलते ही तेजी से कार्रवाई की और कुछ ही समय में अपहृत जिला परिषद सदस्य मोहम्मद सुभान को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
थाना क्षेत्राधिकार का विवाद और एफआईआर
हालांकि, इस मामले में एक क्षेत्राधिकार का विवाद भी सामने आया। पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रेणु देवी ने जब बहादुरपुर थाना में अपना आवेदन देकर जीरो एफआईआर दर्ज करने को कहा, तो थानाध्यक्ष ने ऐसा करने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि घटना लहेरियासराय थाना क्षेत्र में हुई है, इसलिए मामला वहीं दर्ज किया जाना चाहिए। इसके बाद, रेणु देवी को लहेरियासराय थाना जाना पड़ा और वहां उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराई।
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लहेरियासराय थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार चौधरी ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें रेणु देवी का आवेदन प्राप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि आवेदन के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है और घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। यह घटना देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें एक बार फिर बिहार पुलिस न्यूज़ में चर्चा का विषय बन गई है, जिसमें पुलिस की प्रारंभिक हिचकिचाहट और बाद में त्वरित कार्रवाई दोनों ही सामने आई हैं। स्थानीय लोग इस मामले में जल्द से जल्द न्याय और दोषियों को कड़ी सजा मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों के मन में कानून का कोई डर नहीं रह गया है। पुलिस प्रशासन को ऐसे मामलों में और अधिक सतर्कता बरतने और त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता है, ताकि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके और कानून का राज स्थापित हो सके।







