Bihar MLC Election News: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर आज का दिन राजनीतिक सरगर्मियों से भरा रहेगा। राज्य की 10 विधान परिषद सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामांकन का आज आखिरी दिन है। पटना में विधानसभा परिसर में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच सभी उम्मीदवार अपने पर्चे दाखिल करेंगे। यह चुनाव बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
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बिहार विधान परिषद की कुल 10 सीटों के लिए यह चुनाव हो रहा है, जिनमें से नौ सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं और एक सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि होने के कारण आज पटना में बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियों और उनके समर्थकों का जमावड़ा देखने को मिल सकता है। एनडीए गठबंधन ने पहले ही अपने नौ उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है, जिससे उनके खेमे में स्थिति काफी हद तक स्पष्ट है। हालांकि, विपक्षी महागठबंधन, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख है, ने रविवार देर रात तक अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए थे। इस रहस्य ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को और तेज कर दिया है कि आखिर राजद किन चेहरों पर दांव लगाएगा।
विधान परिषद चुनाव का समीकरण और NDA की मजबूत स्थिति
इन विधान परिषद सीटों पर जीत हासिल करने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 25 विधायकों के वोटों की आवश्यकता होगी। बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि बहुमत वाले गठबंधन को ही इसका सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान संख्या बल के आधार पर, एनडीए गठबंधन 9 में से कम से कम 8 सीटों पर सीधी और निश्चित जीत की ओर बढ़ता दिख रहा है। यह उनके विधानसभा में मजबूत बहुमत का सीधा परिणाम है। शेष दसवीं सीट पर भी संख्यात्मक रूप से एनडीए का ही पलड़ा भारी नजर आ रहा है, जिससे उन्हें कुल मिलाकर 9 सीटों पर जीत मिलने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कुल 10 से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा। अन्यथा, सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। इस चुनाव में Bihar Politics News काफी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यह राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर सीधा प्रभाव डालेगी और सत्ताधारी गठबंधन की पकड़ को और मजबूत कर सकती है।
राजद की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा में देरी ने कई सवाल खड़े किए हैं। ऐसी खबरें हैं कि पार्टी के भीतर नामों को लेकर अभी भी मंथन चल रहा है, या फिर वे कोई अंतिम समय का बड़ा दांव खेलने की तैयारी में हैं। इस देरी का चुनावी परिणामों पर क्या असर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। विधान परिषद राज्य की राजनीति में उच्च सदन के रूप में कार्य करता है, और यहां की सदस्यता राज्य सरकार के विधायी कार्यों और नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए इन सीटों पर जीत हार दोनों ही गठबंधनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई है।
दीपक प्रकाश के नामांकन पर सस्पेंस, राजद की खामोशी!
इस पूरे चुनाव में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के नेता और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के नामांकन को लेकर काफी चर्चा है। दीपक प्रकाश वर्तमान में किसी भी सदन, यानी विधानसभा या विधान परिषद, के सदस्य नहीं हैं। मंत्री पद पर बने रहने के लिए संविधान के अनुसार उन्हें छह महीने के भीतर किसी भी सदन का सदस्य निर्वाचित होना अनिवार्य है। ऐसे में उनका विधान परिषद के लिए चुना जाना बेहद आवश्यक है।
हालांकि, रविवार देर रात तक एनडीए के भीतर उनके नाम पर पूर्ण सहमति नहीं बन पाई थी, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर एक तरह का सस्पेंस बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, आज उनके द्वारा एनडीए की ओर से अपना नामांकन पत्र दाखिल किए जाने की पूरी संभावना है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
जब इस संबंध में रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से पत्रकारों ने सवाल पूछा, तो उन्होंने रहस्य बरकरार रखते हुए कहा कि थोड़ी प्रतीक्षा करनी चाहिए, सोमवार को सभी को इसकी जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि गठबंधन के भीतर बातचीत अंतिम दौर में है और उनकी पार्टी हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। कुशवाहा के इस बयान से अटकलें और तेज हो गई हैं कि क्या एनडीए में अंतिम समय पर कोई बड़ा बदलाव हो सकता है, या फिर यह सिर्फ रणनीति का हिस्सा है। राजद की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा में हो रही देरी ने भी राजनीतिक गलियारों में अटकलों को हवा दी है। कई लोग मान रहे हैं कि राजद आखिरी समय में एनडीए को चौंकाने की फिराक में है।
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आज नामांकन के आखिरी दिन पटना विधानसभा परिसर में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आज नामांकन के आखिरी दिन कौन-कौन से नए चेहरे सामने आते हैं और क्या कोई अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिलता है। इस चुनाव के परिणाम बिहार के राजनीतिक समीकरणों को कैसे प्रभावित करेंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।







