Patna Fire Safety News: राजधानी पटना में अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। शहर के पांच प्रमुख होटलों और एक बड़े मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स को खाली करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इन सभी प्रतिष्ठानों को खाली करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया जाएगा।
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जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने सदर एसडीएम को इस संबंध में एक पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि ये होटल 15 दिनों के भीतर खाली नहीं किए जाते, तो प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये सभी प्रतिष्ठान बिना अग्निशमन लाइसेंस के संचालित हो रहे थे।
जांच में पाया गया कि इन होटलों में अग्नि सुरक्षा मानक के बुनियादी प्रबंध भी नहीं थे। होटल प्रबंधन को पहले भी कई बार अग्नि सुरक्षा संबंधी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसी लापरवाही के चलते अब इन प्रतिष्ठानों को सील करने का आदेश दिया गया है।
किन होटलों और कॉम्प्लेक्स पर गिरी गाज?
जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने जानकारी दी है कि जिन होटलों को सील करने का आदेश दिया गया है, उनमें जमाल रोड स्थित कुणाल इंटरनेशनल, होटल बॉक्स, होटल मुद्रिका, एग्जीबिशन रोड स्थित होटल विवेक और सलीमपुर अहरा स्थित होटल अप्सरा शामिल हैं। इन सभी होटलों को अपनी सामग्री 15 जून तक खाली करने का निर्देश दिया गया है।
होटलों के अलावा बोरिंग रोड चौराहा पर स्थित मां भगवती कॉम्प्लेक्स को भी खाली करने को कहा गया है। इस मार्केट कॉम्प्लेक्स में भी पर्याप्त फायर सिस्टम का अभाव पाया गया है। इसके निकासी द्वार भी काफी संकरे हैं, जो आपात स्थिति में बड़ी समस्या खड़ी कर सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि होटल मालिकों और कॉम्प्लेक्स संचालकों को अग्निशमन मानक के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था करने के स्पष्ट निर्देश कई बार दिए गए थे। प्रशासन ने उन्हें पर्याप्त समय और अवसर भी प्रदान किए, ताकि वे अपनी कमियों को दूर कर सकें और यात्रियों व ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
हालांकि, इन बार-बार दिए गए निर्देशों और चेतावनियों के बावजूद, संबंधित मालिकों ने इनकी लगातार अनदेखी की। उनकी इस घोर लापरवाही के कारण ही अब यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने एसडीएम सदर को लिखे अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से ऐसे असुरक्षित प्रतिष्ठानों को तत्काल सील करना अपरिहार्य हो गया है।
उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा कि यदि इन प्रतिष्ठानों को सील नहीं किया जाता है, तो किसी भी समय कोई गंभीर दुर्घटना घटित हो सकती है, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होने की आशंका है। इसी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह महत्वपूर्ण और सख्त फैसला लिया है, ताकि भविष्य में होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके।
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खान सर के कोचिंग सेंटर पर भी नोटिस, 15 दिन की मोहलत
इसी बीच, पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर और एनी बेसेंट रोड स्थित खान हॉस्पिटल भी अग्निशमन विभाग के रडार पर आ गए हैं। रविवार को हुई अग्निशमन विभाग की जांच में इन दोनों संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानक की गंभीर कमियां पाई गईं। Patna Coaching Center News के अनुसार, इन संस्थानों के पास फायर एनओसी भी नहीं थी।
खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर और खान हॉस्पिटल, दोनों ही शहर के प्रमुख संस्थान हैं और बड़ी संख्या में छात्रों और मरीजों का यहां आना-जाना होता है। ऐसे में इन संस्थानों का बिना फायर एनओसी के संचालित होना, गंभीर चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों के अनुसार, फायर एनओसी यह सुनिश्चित करता है कि इमारत सभी आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरणों और निकास मार्गों से लैस है। इसके अभाव में, आपात स्थिति में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। अग्निशमन विभाग ने अपनी जांच में इन महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी पाई है।
अग्निशमन विभाग ने कोचिंग और अस्पताल संचालक को नोटिस भेजकर 15 दिनों के भीतर इन कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है। यदि निर्धारित समय सीमा में सुधार नहीं किया जाता है, तो दोनों संस्थानों को भी सील कर दिया जाएगा। वर्तमान में, ये संस्थान बिना फायर एनओसी के ही संचालित हो रहे हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा जोखिम है।
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प्रशासन की यह कार्रवाई दर्शाती है कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन न करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा, ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।







