Patna Rabri Devi News: राजधानी पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर का नजारा इन दिनों पूरी तरह बदल गया है। जहां पहले सरकारी सुरक्षाकर्मी तैनात रहते थे, वहीं अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ता भीषण गर्मी के बीच पहरा दे रहे हैं। यह स्थिति राबड़ी देवी समेत लालू परिवार के सदस्यों द्वारा अपनी सुरक्षा लौटाए जाने के बाद बनी है। इस फैसले ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है।
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पिछले कुछ दिनों से 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास पर सुरक्षा व्यवस्था नदारद है। पहले जहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहता था, अब वहां एक भी सरकारी सुरक्षाकर्मी नहीं दिख रहा है। इसके जवाब में, राजद के जुझारू कार्यकर्ताओं ने खुद ही इस आवास की सुरक्षा का जिम्मा उठा लिया है और वे लगातार वहां डटे हुए हैं।
दरअसल, लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित पूरे परिवार ने अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर दी है। राजद नेताओं का दावा है कि उन्होंने यह कदम एनडीए सरकार द्वारा किए जा रहे ‘अनुचित व्यवहार’ के विरोध में उठाया है। यह राजनीतिक घटनाक्रम तब और गहरा गया जब सम्राट चौधरी सरकार ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने का नोटिस भी दिया।
हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस आदेश को मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे आवास खाली नहीं करेंगी। यह मुद्दा पहले से ही गरमाया हुआ था, और अब सुरक्षा वापस किए जाने के बाद से बिहार की सियासत में और गर्माहट आ गई है, जिससे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
लालू प्रसाद यादव ने बढ़ाया कार्यकर्ताओं का मनोबल
इस बीच, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने राबड़ी आवास के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं से सीधे वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और उन्हें एकजुट रहने का संदेश दिया। लालू प्रसाद यादव ने उनसे कहा कि वे माहौल खराब करने वाले और नफरत फैलाने वाली शक्तियों का एकजुट होकर मुकाबला करें। इस बातचीत ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।
रविवार को दूसरे दिन भी राजद कार्यकर्ता और नेता आवास के बाहर शिफ्ट में डटे रहे। भीषण गर्मी और चुनौतियों के बावजूद उनकी दृढ़ता देखने लायक थी। कार्यकर्ताओं के लिए आवास के बाहर ही बेड और भोजन की व्यवस्था की गई है, ताकि वे अपनी ड्यूटी ठीक से निभा सकें। यह कार्यकर्ताओं की पार्टी और शीर्ष नेतृत्व के प्रति निष्ठा को दर्शाता है।
रविवार को प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव, प्रधान महासचिव रणविजय साहू, पूर्व मंत्री विजय प्रकाश, शिवचंद्र राम, प्रवक्ता एजाज अहमद, महासचिव भाई अरुण, एजया यादव, मुन्नी रजक, डॉ. अनवर आलम, दीनानाथ यादव, रवीन्द्र सिंह, रेखा पासवान, भाई दिनेश, बल्ली यादव, मुकुंद सिंह और अन्य कई वरिष्ठ राजद नेता और कार्यकर्ता इस मुहिम में शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की, जिससे तनाव का माहौल और बढ़ गया।
सुरक्षा हटने के बाद राबड़ी देवी का बड़ा कदम
सरकारी सुरक्षा हटाए जाने के दूसरे दिन, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी रविवार दोपहर बिना किसी गार्ड के अकेले ही अपने आवास से बाहर निकलीं। यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। लगभग एक घंटे बाद वे वापस आवास लौटीं। इस दौरान उन्होंने किसी भी कार्यकर्ता या मीडियाकर्मी से कोई बात नहीं की, जिससे उनके इस कदम के पीछे की वजह को लेकर अटकलें तेज हो गईं।
राबड़ी देवी का यह कदम स्पष्ट रूप से सरकार को यह संदेश देने की कोशिश थी कि उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है और वे अपने दम पर खड़ी हैं। यह उनके दृढ़ निश्चय और राज्य सरकार के साथ चल रहे टकराव को उजागर करता है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी पारा और चढ़ने की संभावना है।
राजद नेताओं का कहना है कि यह पूरा मामला राज्य सरकार की बदले की भावना का नतीजा है। सुरक्षा हटाने और आवास खाली कराने की कोशिशें उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने के प्रयास हैं, लेकिन राजद इन दबावों के आगे झुकने वाला नहीं है। यह घटनाक्रम बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को और भी जटिल बना रहा है।
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राबड़ी आवास पर सुरक्षा की यह नई व्यवस्था और लालू परिवार का सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा, आने वाले समय में बिहार की राजनीति में और भी बड़े बदलाव ला सकता है। लालू प्रसाद यादव से जुड़ी हर खबर पर प्रदेशभर की नजरें बनी हुई हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







