Patna Sports Camp News: पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा बच्चों के लिए निःशुल्क समर कैंप शुरू हो गया है। 8 जून से शुरू हुए इस कैंप में बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रहकर शारीरिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। ऑनलाइन पंजीकरण करने वाले 775 छात्र पहले ही शामिल हो चुके हैं, जबकि पंजीकरण से चूके बच्चों को भी पहले दिन मौका दिया गया। यह कैंप 20 जून तक चलेगा, जिसमें 7 से 14 वर्ष के लड़के-लड़कियां हिस्सा ले सकते हैं।
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कब से कब तक चलेगा कैंप और क्या मिलेंगी सुविधाएं?
यह समर कैंप प्रतिदिन दो सत्रों में आयोजित किया जा रहा है। सुबह का सत्र सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक होगा, जबकि शाम का सत्र शाम 6:30 बजे से रात 8:00 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को टी-शर्ट, जलपान और प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे, जिससे उनका उत्साहवर्धन हो सके।
खेलों की दुनिया में बच्चों को मिलेगा क्या कुछ सीखने को?
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन संकरन ने बताया कि इस कैंप का उद्देश्य बच्चों को बुनियादी व्यायाम, शक्ति प्रशिक्षण और विभिन्न खेल विधाओं से परिचित कराना है। कैंप में बच्चों को फुटबॉल, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स, योग, शतरंज, स्केटिंग, खो-खो, टेबल टेनिस और तीरंदाजी जैसे खेलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, वार्म-अप अभ्यास, स्ट्रेचिंग और शारीरिक फिटनेस पर भी सत्र शामिल किए गए हैं। रोमांचक एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियां जैसे वॉल क्लाइंबिंग और सेल्फ-डिफेंस प्रशिक्षण, जिसमें ताइक्वांडो सहित मार्शल आर्ट के प्रारंभिक पाठ शामिल हैं, का भी आयोजन किया जाएगा।
मोबाइल से दूर, मैदान में बच्चों का भविष्य!
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गर्मियों की छुट्टियों में मोबाइल फोन और टेलीविजन पर अधिक समय बिताने के बजाय खेलकूद और बाहरी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्राधिकरण का मानना है कि खेलों में शुरुआती भागीदारी बच्चों में फिटनेस, अनुशासन और समग्र कल्याण में सुधार करने में मदद कर सकती है।
शारीरिक प्रशिक्षण के अतिरिक्त, कैंप के दौरान खेल संबंधी क्विज़ भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों के ज्ञान में वृद्धि हो और खेलों में उनकी रुचि और बढ़े। यह कैंप मुख्य रूप से पटना में रहने वाले बच्चों के लिए है, क्योंकि प्रतिभागियों के लिए कोई आवासीय व्यवस्था नहीं की गई है।
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