Jamui Accident News: जमुई जिले के खैरा बाजार में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। तेज रफ्तार अनियंत्रित हाइवा की चपेट में आने से नौवीं कक्षा की छात्रा मुस्कान कुमारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब मुस्कान अपनी कोचिंग क्लास के लिए घर से निकली थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थर से लदा एक हाइवा बेकाबू होकर आया और उसने छात्रा को रौंद दिया। हादसे के बाद पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
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बेकाबू हाइवा ने ली जान, परिजनों में मातम
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मुस्कान कुमारी प्रतिदिन की तरह ही अपनी कोचिंग के लिए जा रही थी। खैरा बाजार क्षेत्र में अचानक आए तेज रफ्तार हाइवा ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मुस्कान की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे उसके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। आक्रोशित भीड़ ने हाइवा चालक को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भागने में सफल रहा। लोगों का गुस्सा इतना अधिक था कि उन्होंने हाइवा में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत की।
लोगों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन
मुस्कान की मौत से गुस्साए ग्रामीणों और स्थानीय दुकानदारों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तत्काल मुआवजा और दोषी चालक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया। इस देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Khaira Road Accident से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस इलाके में तेज रफ्तार वाहनों पर कोई लगाम नहीं है, जिसके कारण अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। मृतक छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जमुई भेजा गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त हाइवा को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश में छापेमारी कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क सुरक्षा पर सवाल, प्रशासन पर दबाव
यह दुखद घटना जमुई जिले में सड़क सुरक्षा के उपायों की पोल खोलती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते। इससे पहले भी इस तरह के कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, जिसमें गति सीमा का पालन और चालकों की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई शामिल हो।
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इस घटना के बाद से जमुई पुलिस और प्रशासन पर काफी दबाव है। उन्हें न केवल दोषी चालक को पकड़ना है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी उचित व्यवस्था करनी होगी। मुस्कान की मौत से यह संदेश साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।







